पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अब अपने ही घर में घिरते नज़र आ रहे है। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पनामा पेपर्स घोटाला मामले में नवाज शरीफ के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। Also Read - होटल का दरवाजा तोड़कर पूर्व PM नवाज शरीफ के दामाद सफदर अवान को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान और अन्य ने पनामा पेपर्स लीक का हवाला देकर नवाज शरीफ और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जांच के आदेश दिए। Also Read - पाक सरकार ने जमानत अवधि का उल्लंघन करने के आरोप में नवाज शरीफ को 'भगोड़ा' घोषित किया: रिपोर्ट

इस साल की शुरुआत में लीक हुए पनामा पेपर्स में इस बात का खुलासा हुआ है कि विदेशों में नवाज के परिवार की कंपनियां और परिसंपत्तियां हैं। मुख्य न्यायाधीश अनवर जहीर जमाली के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय वृहद पीठ ने मामले की सुनवाई की। यह भी पढ़ें: नवाज़ शरीफ ने दिवाली के पहले दी भारत को धमकी, कहा अगर नहीं रुकी फायरिंग तो…

पीठ में मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायाधीश आसिफ सईद खान, न्यायाधीश आमिर हानी मुस्लिम, न्यायाधीश शेख अजमत सईद और न्यायाधीश इजाजुल अहसान शामिल थे। यह सुनवाई कैबिनेट मंत्रियों, याचिकाकर्ताओं के वकीलों, पीटीआई के वरिष्ठ नेताओं और मीडिया की मौजूदगी में संपन्न हुई।

शीर्ष न्यायालय ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट की अगुवाई वाला एक जांच आयोग गठित करने को तैयार है। इस आयोग को सुप्रीम कोर्ट जैसी शक्तियां प्राप्त होंगी।

साथ ही न्यायालय ने सरकार और याचिकाकर्ताओं को जांच आयोग के लिए ‘टर्म ऑफ रेफरेंस’ पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट ने हालांकि पीटीआई के कल होने वाले बंद को लेकर कोई रोक नहीं लगाई है लेकिन सरकार और विपक्ष को संयम बरतने की सलाह दी। न्यायालय ने मामले की सुनवाई रोजाना करने की इच्छा जताई है।