Panjshir Fight Update: पंजशीर के विद्रोही गुट ने तालिबान की ओर से प्रांत पर कब्जा करने के दावे का खंडन किया है. नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट (एनआरएफ) ने एक ट्वीट में कहा, तालिबान का पंजशीर पर कब्जा करने का दावा झूठा है. एनआरएफ बल लड़ाई जारी रखने के लिए घाटी में सभी रणनीतिक पदों पर मौजूद हैं. हम अफगानिस्तान के लोगों को आश्वस्त करते हैं कि तालिबान और उनके सहयोगियों के खिलाफ संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक न्याय और स्वतंत्रता नहीं मिलती.Also Read - तालिबान ने महिलाओं का मंत्रालय हटाया, पूरी तरह से पुरूष सदस्यों वाले मंत्रालय का किया गठन

दावा किया गया है कि तालिबानी लड़ाकों ने आखिरी होल्डआउट पंजशीर प्रांत पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है. खामा न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि कार्यवाहक संस्कृति और सूचना मंत्री एवं तालिबान के प्रवक्ता, जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रव्यापी सुरक्षा की स्थापना के उनके प्रयास सफल रहे हैं और प्रांत को अल्लाह की मदद और लोगों के समर्थन से हासिल कर लिया गया है. Also Read - Afghanistan: US ने काबुल में ड्रोन हमले को बताया भूल, माना 10 नागरिक मारे गए थे, IS आतंकी नहीं

पंजशीर प्रांत में पिछले सात दिनों से तालिबान और प्रतिरोधी बलों के बीच भारी संघर्ष हो रहा है, जिसके दौरान दोनों पक्षों में काफी लोग हताहत हुए हैं. बयान के अनुसार, कुछ प्रतिरोधी बल मारे गए हैं, जबकि अन्य प्रांत छोड़कर भाग गए हैं. बयान में कहा गया है, हम पंजशीर के लोगों को भेदभावपूर्ण व्यवहार के अधीन नहीं होने का आश्वासन देते हैं, वे हमारे भाई हैं और संयुक्त रूप से अफगानिस्तान के विकास के लिए काम करेंगे. Also Read - SCO समिट: PM मोदी ने बढ़ती कट्टरपंथी विचारधारा को लेकर चेताया, अफगानिस्तान का उदाहरण दिया

रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजशीर प्रांत में रविवार रात के संघर्ष में, प्रतिरोध बलों के एक प्रमुख कमांडर जनरल अब्दुल वोदोद और सेना के प्रवक्ता फहीम दशती मारे गए. इससे पहले, प्रतिरोधी बल के सह-नेता अहमद मसूद ने तालिबान के साथ बातचीत की पेशकश की है, जिसे तालिबान ने अस्वीकार कर दिया है.

(इनपुट आईएएनएस)