ब्यूनस आयर्स: फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को उनके खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को अराजकता फलाने की चाहत रखने वाला करार देते हुए कहा कि वह किसी भी सूरत में हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे. देश में ईंधन की कीमतों में पूर्व नियोजित योजना के तहत हुई वृद्धि का विरोध कर रहे लोग शुक्रवार को हिंसा पर उतर आए. भीषण विरोध प्रदर्शन के बीच ब्यूनस आयर्स में जी-20 सम्मेलन के दौरान संवाददाता सम्मेलन में मैक्रों ने कहा, ‘‘मैं हिंसा को कभी स्वीकार नहीं करूंगा.’’

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सभी की पहचान की जाएगी !
मैक्रों ने कहा, ‘‘अधिकारियों पर हमले, वाणिज्य-व्यापार को ठप करना, राहगीरों और पत्रकारों को धमकी देना या आर्क डू ट्रौम्फ का उल्लंघन करना, किसी भी सूरत में तर्कपूर्ण नहीं हो सकता है.’’ पेरिस में बड़ी संख्या में लोग आपात स्थिति में पहने जाने वाले पीले रंग के कोट पहन कर प्रदर्शन कर रहे हैं. ब्यूनस आयर्स में जलवायु परिवर्तन की दिशा में समान विचारधारा वाले सभी देशों को साथ लाने के लिए मैक्रों पूरी जी-जान से कोशिश कर रहे हैं. लेकिन, बार-बार उनसे फ्रांस में चल रहे प्रदर्शनों पर सवाल पूछा गया. उन्होंने कहा, ‘‘इस हिंसा के लिए दोषी लोग बदलाव नहीं चाहते हैं, वे लोग सुधार नहीं चाहते, उन्हें सिर्फ अराजकता चाहिए. वे लोग जिस कारण का समर्थन करने की ढोंग करते हैं, उसे ही धोखा दे रहे हैं.’’ मैक्रों ने कहा, ‘‘उन सभी की पहचान की जाएगी और उन्हें न्याय की जद में लाया जाएगा.’’

उन्होंने कहा कि पेरिस वापसी के साथ ही प्रदर्शनों के सिलसिले में अपने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ बैठक करेंगे. मैक्रों ने कहा, ‘‘मैं हमेशा बहस का सम्मान करूंगा. मैं हमेशा विपक्ष की बात सुनूंगा लेकिन हिंसा को कभी स्वीकार नहीं करूंगा.’’ उन्होंने कहा हिंसा में शामिल लोगों की पहचान सुनिश्चित कर के उन्हें न्यायोचित सजा दी जाएगी. उन्होंने कहा विरोध और बहस अवश्य होनी चाहिए, जहां मत नहीं मिल रहे वहां बातचीत से समस्या का समाधान किया जा सकता है. लेकिन किसी भी समस्या का समाधान हिंसा नहीं है और हिंसा को वो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे. (इनपुट एजेंसी)

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