वाशिंगटन: पेंटागन ने कहा है कि अमेरिका को सऊदी तेल संयंत्रों पर सप्ताह के अंत में होने वाले हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगा लेने का पूरा भरोसा है. पेंटागन के प्रवक्ता जोनाथन हॉफमैन ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस बात के संकेत मिले हैं कि हमलों के पीछे ईरान का हाथ है लेकिन अमेरिका चाहता है कि सऊदी अरब यह घोषणा करे कि हमलों के लिए कौन जिम्मेदार है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘अभी तक सभी सुराग इशारा करते हैं कि सऊदी तेल रिफाइनरियों पर हमलों के लिए किसी न किसी तरीके से ईरान जिम्मेदार है.’ पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमें पूरा विश्वास है कि हम इसके लिए जिम्मेदार पक्षों का सटीकता से पता लगा लेंगे लेकिन हम इस बिंदु पर पहुंचने के लिए सऊदी अरब के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे.’

हॉफमैन ने कहा, हम इस बारे में विचार-विमर्श कर रहे हैं और हम सऊदी अरब के साथ मिलकर अंतिम आकलन होने तक इंतजार करेंगे. पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका संघर्ष नहीं चाहता है. रक्षा मंत्रालय का काम राष्ट्रपति को विकल्प मुहैया कराना है और हम यही कर रहे हैं. हम उन्हें विकल्प देते हैं और फिर वह निर्णय लेते हैं कि क्या करना है. इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने भी कहा कि अमेरिका सऊदी तेल संयंत्रों पर हुए हमले से पैदा संकट का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है. पोम्पिओ ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब ईरान के विदेश मंत्री ने बृहस्पतिवार को आगाह किया था कि सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हमले को लेकर अगर उनके देश पर हमला किया जाता है तो इसका नतीजा ‘युद्ध’ होगा.

पोम्पिओ ने तेल संयंत्रों पर हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और इन्हें ‘युद्ध की कार्रवाई’ बताया. रियाद और अबुधाबी में सहयोगियों से मिलने से बाद पोम्पिओ ने कहा कि ‘क्षेत्र में इस बात को लेकर व्यापक सहमति है’ कि ईरान ने ये हमले किए जबकि ईरान ने इससे इनकार किया है. पोम्पिओ ने कहा, ‘हम शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं. मुझे लगता है कि हमने यह दर्शाया भी है. मैं मानता हूं कि ईरान भी इसी तरह देखे.’ उल्लेखनीय है कि अमेरिका और खाड़ी के उसके सहयोगी देशों ने सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने का आरोप लगाया है.

एक इंटरव्यू में विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ से पूछा गया कि ईरान पर अमेरिका या सऊदी अरब के सैन्य हमले के क्या परिणाम हो सकते हैं. इस पर ज़रीफ ने कहा कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो ‘जंग’ छिड़ जाएगी. उन्होंने कहा, ‘हम जंग नहीं चाहते हैं. हम सैन्य टकराव नहीं चाहते हैं.’ जरीफ ने चेताया कि इससे ‘बहुत लोग हताहत’ होंगे.

गौरतलब है कि सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर शनिवार को हुए हमलों की जिम्मेदारी यमन में ईरान के समर्थन वाले हुती विद्रोहियों ने ली है. मगर अमेरिका का कहना है कि हमले में क्रूज़ मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है जो ‘युद्ध की कार्रवाई’ के समान है. सऊदी अरब ने कहा है कि इसमें कोई शक नहीं है कि हमले ईरान द्वारा प्रायोजित हैं और जिन हथियारों का इस्तेमाल किया गया है, वे ईरान निर्मित हैं, लेकिन उसने अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंदी को सीधे कसूरवार नहीं ठहराया है.