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पेशावर, 22 दिसम्बर | पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 16 दिसंबर को आर्मी पब्लिक स्कूल में हुए हमले से कुछ महीने पहले ही सरकारी विभागों को आतंकवादी हमले के बारे में आगाह किया गया था। जियो न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक 28 अगस्त को इस संबंध लिखित चेतावनी जारी की गई थी।  रिपोर्ट के अनुसार, प्रांत के गृह मंत्रालय ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि औरकजई में तालिबान कमांडर खाकसार और दो अन्य आतंकवादी बिलाल और ओबैदुल्ला ने सेना के अंतर्गत संचालित शिक्षण संस्थाओं में हमला करने की साजिश रची है। Also Read - नहीं बंद हो रही पाकिस्तान की नापाक हरकत, पुंछ में सीज फायर का किया उल्लंघन, सेना का एक जवान शहीद

बिलाल और अबैदुल्ला ने अपने साथियों के साथ घटनास्थल की रेकी भी की थी। चेतावनी में कहा गया था कि आतंकवादियों की मंशा बदला लेना और वह सैन्य अधिकारियों के ज्यादा से ज्यादा बच्चों को मारना चाहते हैं।  लिखित चेतावनी में किसी भी तरह के अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा संबंधी उपाय अपनाने को कहा गया था और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और सुरक्षा एजेंसियों को लिखित चेतावनी की कॉपी भेज दी गई थी। Also Read - आतंकियों पर कार्रवाई करने में नाकाम पाक को भारत ने किया शर्मसार

गौरतलब है कि 16 दिसंबर को पेशावर के सैनिक स्कूल में हुआ हमला पाकिस्तान के इतिहास के सबसे बर्बर हमलों में से एक था। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) द्वारा किए गए हमले में 140 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की मौत हो गई थी।