वाशिंगटन: फाइजर ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से अमेरिकी नियामक से अपने कोविड-19 टीके का आपात इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी. फाइजर इंक ने यह कदम उस घोषणा के कुछ दिन बाद उठाया है, जिसमें कहा गया था कि उसके तथा उसकी जर्मन सहयोगी बायोएनटेक द्वारा विकसित कोविड-19 का टीका हल्के और गंभीर लक्षण वाले मरीजों के इलाज में 95 प्रतिशत तक प्रभावी है. Also Read - Fact Check: क्या देश में बन गई COVID-19 Vaccine? जानें क्या है इस दावे की हकीकत

कंपनियों ने कहा कि सुरक्षा के अच्छे रिकॉर्ड का अभिप्राय है कि टीका आपात इस्तेमाल की अनुमति के लिए अर्हता रखता है और जिसकी मंजूरी अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) अंतिम परीक्षण पूरा होने से पहले दे सकता है. फाइजर ने इसी तरह का आवेदन यूरोप और ब्रिटेन में देने की शुरुआत की है और समान सूचना देने की मंशा है. Also Read - Coronavirus vaccine: देश में कब तक विकसित होगी Covid Vaccine? किस टीके का परीक्षण किस फेज में पहुंचा- जानें सबकुछ...

फाइजर के आवेदन से एक प्रक्रिया शुरू हो गई है जिसके तहत एफडीए और उसके स्वतंत्र सलाहकार इस बात पर बहस करेंगे कि टीके तैयार हैं या नहीं. अगर टीके तैयार होंगे तो सरकार का एक अन्य समूह तय करेगा कि शुरुआत में सीमित टीकों की किस तरह से आपूर्ति की जाए, जिसका इंतजार अमेरिकी उत्सुकता से कर रहे हैं. Also Read - COVID Vaccine Updates: देश में आम लोगों को कब तक मिलेगी कोरोना की वैक्सीन? AIIMS के निदेशक ने दिया यह जवाब...

इससे पहले फाइजर इंक और जर्मनी की उसकी साझेदार बायोएनटेक ने घोषणा की थी कि एक बड़े अध्ययन में पता चला है कि उसका टीका कोविड-19 के हल्के और गंभीर संक्रमण में बचाने में 95 प्रतिशत तक प्रभावी प्रतीत हो रहा है.

कंपनियों ने कहा कि बचाव और सुरक्षा के अच्छे रिकार्ड का मतलब है कि टीके को आपात इस्तेमाल का अधिकार दिया जाना चाहिए, जो खाद्य और दवा प्रशासन (एफडीए) अंतिम जांच पूरी होने से पहले दे सकता है.

फाइजर की घोषणा के एक दिन पहले देश में संक्रामक बीमारियों के विशेषज्ञ डा एंथनी फाउसी ने कहा कि ‘‘मदद मिलने वाली है’’. साथ ही उन्होंने कहा कि मास्क लगाना छोड़ना और सुरक्षा के अन्य उपायों को त्यागने का अभी वक्त नहीं आया है.

(इनपुट एजेंसी)