Pfizer-BioNTech Covid-19 vaccine gets approval for emergency use : अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन US Food and Drug Administration ने फाइजर-बायोएनटेक कोविड -19 वैक्सीन (fizer-BioNTech Covid-19 vaccine) के इमरजेंसी उपयोग की अनुमति प्रदान कर दी है. कोविड-19 के लिए फाइजर के टीके को अमेरिका में हरी झंडी पाने के लिए एफडीए के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की से अनुमति पाने की बड़ी बाधा को पार करने में कामयाब हो गई.Also Read - Chhath Puja 2021: दिल्ली में छठ पूजा पर से हट सकती है रोक! कोरोना पर चर्चा के लिए 27 अक्टूबर को बैठक करेगी DDMA

एक विशेषज्ञ समिति ने गुरुवार को बुलाई गई एक मीटिंग में फाइजर-बायोएनटेक कोविड -19 वैक्सीन (Pfizer-BioNTech Covid-19 vaccine) के आपातकालीन उपयोग के अनुमोदन के लिए इसके पक्ष में भारी मतदान किया. Also Read - बच्चों में 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी है फाइजर की कोरोना वैक्सीन, जानिए कब तक मिलेगी मंजूरी

अमेरिका के खाद्य एवं दवा प्रशासन (एफडीए) की वैक्सीन एडं रिलेटेड बायोलॉजिकल प्रॉडेक्ट्स एडवायजरी कमेटी (वीआरबीपीएसी) में गुरुवार को को 8 घंटे चली बैठक में मंथन के बाद फाइजर और जर्मनी की उसकी सहयोगी बायोएनटेक द्वारा विकसित टीके के इस्तेमाल को मंजूरी देने के संबंध में मतदान हुआ. इसमें फाइजर और बायोएनटेक के टीके के पक्ष में 17 और विपक्ष में 4 मत पड़े और एक सदस्य गैरहाजिर था. Also Read - Coronavirus cases In India: एक दिन में 15,786 लोग हुए संक्रमित, 231 लोगों की हुई मौत

समिति के सदस्य पॉल ऑफिट ने कहा, ”टीके से स्पष्ट फायदा नजर आ रहा है, लेकिन दूसरी ओर इसके अनुमानित खतरे हैं.” पॉल फिलाडेल्फिया में बच्चों के अस्पताल में टीका विशेषज्ञ हैं. उन्होंने कहा कि टीका की लाभ पहुंचाने की क्षमता उसके खतरों को कम करती है.

एक अन्य विशेषज्ञ ओफर लेवी ने कहा, ”यह मील का एक बड़ा पत्थर साबित होने वाला है.” लेवी संक्रामक रोग विशेषज्ञ हैं और बोस्टन चिल्ड्रन हॉस्पिटल में टीका कार्यक्रम के प्रमुख हैं.

बता दें कि दुनिया में पहले ही बड़े पैमाने पर फाइजर की वैक्‍सीन के फेज 3 के ट्रायल को ब्रिटेन, कनाडा, बहरीन और सऊदी अरब पहले ही वैक्सीन को मंजूरी दे चुके हैं. इस तरह से कोविड-19 के लिए फाइजर के टीके को अमेरिका में हरी झंडी पाने के लिए एफडीए के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की चर्चा के दौर की बड़ी बाधा को पार कर लिया है. समिति को यह जवाब देने का काम सौंपा गया था कि, “उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों की समग्रता के आधार पर, क्या फाइजर-बायोएनटेक कोविद -19 वैक्सीन के लाभ इसके जोखिम को कम करते हैं?”

संक्रामक रोग विशेषज्ञों, बायोस्टेटिस्ट और अन्य वैज्ञानिकों सहित स्वतंत्र विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं द्वारा वोट बाध्यकारी नहीं है, लेकिन एफडीए को आने वाले दिनों के भीतर सिफारिश का पालन करने की उम्मीद है.

रूसी और चीनी टीके पहले से ही बड़े पैमाने पर प्रशासित किए जा रहे हैं, लेकिन तुलनात्मक ट्रायल ​​परीक्षणों को पूरा किए बिना. गुरुवार को न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में ट्रायल के परिणाम, जिसमें लगभग 44,000 लोग शामिल थे, प्रकाशित किया गया था, जो एक और प्रमुख मील का पत्थर साबित हुआ.

एफडीए का यह पैनल एक साइंस कोर्ट की तरह काम करता है और यह टीके से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा करेगा. चर्चा का सीधा प्रसारण किया जाता है. ज्यादातर मामलों में एफडीए गैर-सरकारी विशेषज्ञों की इस समिति की सलाह को मानता है, हालांकि उसके लिए ऐसा करना अनिवार्य नहीं है.

दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों, दुनिया में 15 लाख से ज्यादा लोगों की मौत, अकेले अमेरिका में 2,89,000 से ज्यादा लोगों की संक्रमण से मौत होने की पृष्ठभूमि में एफडीए का टीके के उपयोग पर फैसला आया है.

एफडीए का कहना था कि बड़े पैमाने पर किया गया फाइजर का अध्ययन बताता है कि जर्मन कंपनी बायोएनटेक के साथ मिलकर विकसित किया गया उसका यह टीका सभी लोगों पर 90 प्रतिशत से ज्यादा प्रभावी है. सुरक्षा संबंधी कोई बड़ी मसला सामने नहीं आया है और टीके से जुड़े सामान्य साइड इफेक्ट जैसे बुखार, थकान और इंजेक्शन लगने की जगह पर दर्द आदि को बर्दाश्त किया जा सकता है.

बता दें कि एफडीए मंजूरी से पहले जॉन हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के ‘इंटरनेशनल वैक्सीन एक्सेस सेंटर’ के प्रमुख डॉक्टर विलियम मूस का कहना है, ”रिपोर्ट में दिए गए आंकड़े बिल्कुल वैसे ही हैं, जैसा कि हमने पहले सुना था और यह उत्साहित करने वाले हैं.” उन्होंने कहा, ” मुझे ऐसा कुछ नहीं दिखा रहा जिससे टीके की मंजूरी में देरी हो सकती है.” इस संबंध में एफडीए के कमिश्नर स्टीफन हान ने एक इंटरव्‍यू में कहा था, ”बहुत सारे सवाल किए जा रहे हैं कि इसमें इतना वक्त क्यों लग रहा है या क्या हम पूरी क्षमता के साथ प्रयास कर रहे हैं.” उन्होंने कहा था कि मैं आशा करता हूं कि लोग हमारी पारदर्शिता को देखेंगे और समझेंगे कि हमने कितनी मेहनत की है.