Pfizer Corona Vaccine updates: फाइजर और उसके जर्मन पार्टनर बायोएनटेक ने बुधवार को अंतरिम परिणामों का एक दूसरा बैच जारी किया, जिसमें कहा गया है कि उसका कोरोनावायरस का टीका 95 प्रतिशत तक कारगर है. इस बड़ी कामयाबी के एक दिन बाद ही कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि वह अमेरिकी नियामकों से अपनी कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की अनुमति देने का अनुरोध करेगी. Also Read - दो खुराकों का टीका है कोवैक्सिन, अनिल विज को पहली खुराक ही दी गई थी: स्वास्थ्य मंत्रालय

कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के बेहतर नतीजे आने के बाद फाइजर वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए इमरजेंसी अप्रुवल मांगने जा रही है. बता दें कि पिछले एक साल से कोरोना संकट से जूझ रही दुनिया के लिए इसकी वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है. ऐसे में अगर इसे रेगुलेटरी अप्रुवल मिल जाती है तो यह कोरोना महामारी की रोकथाम दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. Also Read - Corona Vaccine के ट्रायल में टीका लगवाने के बावजूद मंत्री अनिल विज COVID-19 पॉजिटिव निकले

अगर सब कुछ ठीक रहा तो, शुक्रवार को फाइजर का ये कदम दिसंबर-अंत तक सबसे कमजोर अमेरिकियों को टीका लगाने की दिशा में पहला कारगर स्टेप हो सकता है. Also Read - वैक्सीनेशन को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, अधीर रंजन बोले- आम जनता के टीकाकरण के लिए कोई रोडमैप नहीं

Corona Vaccine latest update- बता दें कि इससे पहले कंपनी ने कहा था कि इसका टीका बुजुर्ग लोगों को वायरस का शिकार होने के जोखिम से भी बचाता है. कंपनी ने कहा, “प्राथमिक विश्लेषण से पता चलता है कि वैक्सीन की पहली खुराक के 28 दिनों के अंदर यह अपना प्रभाव दिखाने लगता है. ट्रायल के दौरान कोविड-19 के 170 पुष्ट मामलों का मूल्यांकन किया गया.”

ये घोषणा 9 नवंबर को फाइजर की पहली धमाकेदार घोषणा के एक हफ्ते बाद आई है, जब इसने कहा था कि इसका टीका 90 प्रतिशत तक प्रभावी है. पहला परिणाम 43,000 से अधिक स्वयंसेवकों में से चुने गए 100 से कम संक्रमित मरीजों के विश्लेषण पर आधारित था. फाइजर-बायोएनटेक ने टीका बनाने के लिए एमआरएनए तकनीक का उपयोग किया है, जिसका अर्थ है कि वैक्सीन का शॉट लेने से कोविड-19 होने का कोई जोखिम नहीं है.

हालांकि अमेरिकी नियामकों द्वारा वैक्सीन के इमरजेंसी अप्रुवल में कुछ हफ्ते लग सकते हैं क्योंकि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के वैज्ञानिकों की तरफ से इसके डेटा को देखा जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है. अभी तक के अपडेट के अनुसार, फाइजर और बायोनेट अगले एक महीने में यानी 2020 में ही कुल 50 मिलियन (5 करोड़) वैक्सीन डोज तैयार करना चाहती है और 2021 में 1.3 बिलियन डोज का उत्पादन करने की उम्मीद की है.