मनीला/ ताइपे: चीन ने विवादित साउथ चाइना सी में लड़ाकू बमवर्षक प्लेन तैनात किए हैं. इस पर फिलीपीन सरकार ने कहा है कि दक्षिण चीन सागर में अपने दावों की रक्षा करने के लिए वह उचित कूटनीतिक कार्रवाई कर रही है, हालांकि उसने टकराव से बचने की नीति अपनाते हुए इस संदर्भ में चीन का नाम नहीं लिया. वहीं, चीन के ऐसे कदम से ताइवान भी चिंतित है और वहां के प्रेसिडेंट ने सा ई इंग – वेन ने अपनी सुरक्षा बेहतर करने की बात कही है.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित 
चीन ने विवादित सागर में सैन्य संबंधी अपनी कार्रवाई में अपने कब्जे वाले एक द्वीप पर कथित रूप से पहली बार लंबी दूरी के बमवर्षक विमान तैनात किए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के माथे पर शिकन आ गई है. बता दें कि पेंटागन के एक प्रवक्ता ने पिछले हफ्ते कहा था कि विवादित क्षेत्र का चीन द्वारा सैन्यकरण करने से क्षेत्र में अस्थिरता आएगी. फिलीपीन के विदेश विभाग ने सोमवार को दोहराया था कि सरकार अपने संप्रभु अधिकार वाले क्षेत्र के एक-एक इंच की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.

चीन से निपटने ताइवान सुरक्षा बढ़ाएगा
ताइवानी प्रेसिडेंट ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार चीन की सैन्य चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा उपाय बेहतर करेगी. राष्ट्रपति सा ई इंग – वेन ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी. हालाकि, उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन उनकी सरकार ने चीन के खतरे को देखते हुए घरेलू शस्त्र उद्योग के विकास को बढ़ावा दिया है. चीन द्वीपीय देश के अपना क्षेत्र होने का दावा करता है और उसके तट के पास लड़ाकू विमान भेजे हैं.

ताइवान पर हमले की चेतावनी 
ताइवानी प्रेसिडेंट ने लोगों के सवालों के जवाब में लिखा, ” हम पूरे समाज की सुरक्षा के लिए अपना काम मजबूत करेंगे और मेरी सरकार चीन के इन कारकों पर खासतौर से ध्यान देगी.” बता दें कि चीन और ताइवान 1949 में एक गृह युद्ध के बाद अलग हो गए थे. दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश से जुड़े संबंध हैं, लेकिन कोई आधिकारिक संबंध नहीं हैं.चीन ने ताइवान के औपचारिक रूप से स्वतंत्रता की घोषणा करने या एकीकरण को लेकर बातचीत में देरी करने पर उसपर हमला करने की चेतावनी दी है. (इनपुट एजेंसी)