Pluto Stopped Being a Planet, Now Its Atmosphere Is Disappearing: वैज्ञानिकों को पता चला है कि धीरे-धीरे प्लूटो का वातावरण गायब होने लगा है और इसकी सतह फिर से जमने लगी है. यह ग्रह सूर्य (Sun) से जितना दूर जाता है, उतना ही अधिक स्पष्ट रूप से इसका वातावरण गायब हो जाता है. Space.com के अनुसार यह ग्रह ‘एक अजीब परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है.’Also Read - US: SpaceX का स्‍पेसक्राफ्ट फ्लोरिडा तट के अटलांटिक महासागर में उतरा, 3 दिन तक ऑर्बिट की सैर कर लौटे चार अंतरिक्ष पर्यटक

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के मुताबिक प्लूटो पर धरती की ही तरह एक पतला और कमजोर वातावरण है, जो मुख्यत: नाइट्रोजन से बना है. दरअसल प्लूटो जब सूर्य के करीब होता है तो उसका वातावरण फैलता है और जैसे-जैसे यह दूर जाता है, वैसे-वैसे इसका वातावरण कमजोर पड़ता जाता है. Also Read - अंरिक्ष में ऐतिहासिक उड़ान: SpaceX का रॉकेट 4 आम यात्र‍ियों को लेकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचा

यह तो आप जानते ही हैं कि प्लूटो को अब ग्रह नहीं माना जाता, इसलिए सौरमंडल में सिर्फ 8 ही ग्रह हैं. प्लूटो को बौना ग्रह कहा जाता है. इस बौने ग्रह को सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में धरती के हिसाब से 248 वर्ष का समय लगता है. यानी धरती के 248 वर्ष के बराबर प्लूटो का एक वर्ष होता है. यही कारण है कि पिछले करीब 20-25 वर्षों से प्लूटो अपनी कक्षा में सूर्य से दूर और दूर की लंबी यात्रा पर जा रहा है. Also Read - Life On Mars: मंगल ग्रह पर रहने की हो रही तैयारी, अंतरिक्ष यात्रियों के खून, पसीने, आंसुओं से बनाई जा रही सामग्री

हालांकि, यह भी आश्चर्यजनक है कि अपनी कक्षा में लगातार सूर्य से दूर जाने के बावजूद साल 2018 तक प्लूटो का वायुमंडलीय घनत्व बढ़ रहा था. यही वजह है कि अब वैज्ञानिकों को इसके वातावरण का धीरे-धीरे गायब होना चकित कर रहा है.

इसके बावजूद वैज्ञानिकों के पास इस अप्रत्याशित घटना का भी स्पष्टीकरण है. प्लूटो के वायुमंडल के बने रहने का कारण यह हो सकता है कि इस बोने ग्रह पर मौजूद नाइट्रोडजन आइस रिजरवेयर के नीचे गर्मी बनी हुई होगी. नए डाटा के अनुसार अब यह ठंडा पड़ने लगा है. यह बात किसी और ने नहीं, बल्कि बाहरी सौर मंडल में बर्फीले निकायों की सतहों और वायुमंडल के बीच संबंधों में माहिर अमेरिका में साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के लेस्ली यंग ने कही है.

यंग और अन्य खगोलविदों की टीम को प्लूटो के वायुमंडल के गायब होने के बारे में तब पता चला, जब उन्होंने अमेरिका और मैक्सिको में कई जगहों पर दूरबीन तैनात कीं. वे पूर्व में ग्रह रहे इस बोने ग्रह की जांच कर रहे थे, क्योंकि एक तारे के कारण इस पर रोशनी पड़ने वाली थी. यंग ने प्लेनेटरी साइंसेस एनुअल मीटिंग के 53वें अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी डिवीजन में इसी महीने यह जानकारी दी है. बता दें कि अगस्त 2006 में प्लूटो को ग्रहों की लिस्ट से बाहर कर दिया गया था और अब उसका वातावरण भी गायब हो रहा है.