लंदन: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने पाकिस्तान सरकार द्वारा नवगठित आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) से मशहूर अर्थशास्त्री आतिफ मियां का नामांकन वापस लेने की कड़ी आलोचना की है. ब्रिटेन में रह रही 44 वर्षीय जेमिमा ने ट्विटर पर अपनी नाराजगी जतायी.

पाकिस्तान सरकार ने मियां के अहमदिया संप्रदाय से होने के कारण कट्टरपंथियों के दबाव में आकर उन्हें ईएसी की सदस्यता छोड़ने को कहा था. कट्टरपंथियों के दबाव में आकर शुक्रवार को इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रख्यात अर्थशास्त्री मियां का नवगठित आर्थिक परिषद से नामांकन वापस ले लिया था.

गौरतलब है कि पाकिस्तान के संविधान में अहमदियों को गैर मुस्लिम घोषित किया गया है और कई इस्लामी विचारधाराओं में उनकी मान्यताओं को ईशनिंदा माना जाता है. अक्सर कट्टरपंथी उनको निशाना बनाते रहे हैं और उनके धार्मिक स्थलों में भी तोड़फोड़ भी की जाती रही है.

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मियां को हाल ही में 18 सदस्यीय ईएसी के सदस्य के तौर पर नामित किया गया था. ‘शीर्ष 25 प्रतिभाशाली युवा अर्थशास्त्रियों’ की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष सूची में शामिल वह अकेले पाकिस्तानी हैं. मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी से शिक्षित आतिफ मियां प्रतिष्ठित प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं और पाकिस्तानी-अमेरिकी हैं.

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जेमिमा ने मियां का नामांकन वापस लिए जाने पर शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘‘इसका बचाव नहीं किया जा सकता और यह काफी निराशाजनक है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘याद रहे, पाकिस्तान के कायदे-आजम (मोहम्मद अली जिन्ना) ने एक अहमदिया मुसलमान को देश का विदेश मंत्री नियुक्त किया था.’’