
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
पिछले कुछ समय में भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में काफी उतार–चढ़ाव देखने को मिला है. खासकर अमेरिकी सरकार द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ ने दोनों देशों के बीच तनाव पैदा किया था. इसके बावजूद दोनों देशों की कोशिश हमेशा यही रही है कि रिश्ते पटरी पर बने रहें. इसी कड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई, जिसने एक सकारात्मक माहौल बनाया है. यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब व्यापार सौदे को लेकर दोनों देशों के बीच उम्मीद और अनिश्चितता दोनों बनी हुई हैं. भारतीय राजनीतिक जगत के कई नेताओं ने इस बातचीत को अच्छा संकेत बताया और उम्मीद जताई कि इससे व्यापारिक रिश्तों में नई रफ्तार आएगी.
फोन कॉल के बाद भारतीय नेताओं की प्रतिक्रिया भी काफी सकारात्मक रही. भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने इस बातचीत को “दोस्त देशों के बीच गलतफहमियां दूर करने” का मौका बताया. उन्होंने कहा कि यदि एक बेहतर व्यापार समझौता होता है, तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा और महंगाई पर भी असर पड़ेगा. वहीं भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि पीएम मोदी हमेशा देश के हित में ही फैसले लेते हैं, चाहे अमेरिका हो, रूस हो या कोई और देश. शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस बातचीत का स्वागत करते हुए कहा कि अमेरिका-भारत जैसे दो बड़े लोकतंत्रों के लिए एक मजबूत ट्रेड एग्रीमेंट बहुत जरूरी हो गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि लगातार बात-चीत के जरिए टैरिफ जैसे मुद्दों का समाधान जल्द निकल आएगा.
अमेरिका के लिए भारत एक विशाल और तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है, जो उसे आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर बड़ी मजबूती देता है. टीडीपी सांसद लवू श्रीकृष्ण देवरायलु ने कहा कि अमेरिका भारत से नजदीकी बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और सर्विस इंडस्ट्री में उसकी भूमिका मजबूत है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी दोनों देशों के लिए “विन-विन” स्थिति है, लेकिन इसे बराबरी की शर्तों पर होना चाहिए, ताकि किसी एक देश को अधिक नुकसान या फायदा न हो. अमेरिका जहां भारतीय बाजार तक पहुंच चाहता है, वहीं भारत चाहता है कि उसकी इंडस्ट्री को न्यायपूर्ण अवसर मिले. इस तरह की बातचीत दोनों देशों को समान स्तर पर खड़ा करती है.
फोन कॉल के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बातचीत “बहुत अच्छी और दिलचस्प” रही. दोनों नेताओं ने ट्रेड, रक्षा, इंडो-पैसिफिक और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका वैश्विक शांति एवं खुशहाली के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. वहीं ट्रंप प्रशासन भी इसे रिश्तों को फिर से मजबूत करने की दिशा में एक पॉलिटिकल सिग्नल के रूप में देख रहा है. इस बातचीत से साफ है कि दोनों देश आगे भी सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार हैं. भारत-अमेरिका साझेदारी जितनी मजबूत होगी, उतनी ही वैश्विक राजनीति में दोनों की आवाज भी मजबूत होती जाएगी. यह फोन कॉल इसी बढ़ते विश्वास का संकेत देता है.
(इनपुट-एजेंसी के साथ)
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