PM मोदी के नाम जुड़ा एक और अवॉर्ड, अब तक मिल चुके हैं 31 अंतरराष्ट्रीय सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया. यह उनका 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है.
इसे उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने स्वीडन या उसके हितों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया हो. (Photo from PTI)
प्रधानमंत्री मोदी को रविवार (17 मई, 2026) को स्वीडन के प्रतिष्ठित 'रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस' सम्मान मिला है. यह स्वीडन की तरफ से किसी भी प्रधानमंत्री या सरकार प्रमुख को दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है. इसे भारत और स्वीडन के बीच मजबूत होते रिश्तों का बड़ा संकेत माना जा रहा है. इस सम्मान के साथ, पीएम मोदी के नाम अब तक 31 अंतरराष्ट्रीय सम्मान जुड़ चुके हैं.
क्या है रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार अवॉर्ड?
स्वीडन का यह खास सम्मान साल 1748 में शुरू किया गया था. इसे उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने स्वीडन या उसके हितों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया हो. सार्वजनिक सेवाओं, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामाजिक कार्यों में बेहतरीन भूमिका निभाने वालों को यह सम्मान दिया जाता है. किसी विदेशी सरकार प्रमुख को यह सम्मान मिलना बेहद खास माना जाता है. इसी वजह से पीएम मोदी का यह सम्मान दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया है.
दो दिन के स्वीडन दौरे पर पहुंचे PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी रविवार को दो दिन की यात्रा पर स्वीडन पहुंचे. गोथेनबर्ग एयरपोर्ट पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका स्वागत किया. खास बात यह रही कि पीएम मोदी के विमान को स्वीडिश एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया. एयरपोर्ट पर दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी देखने को मिली. इस दौरान भारतीय समुदाय के लोगों ने भी पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया.
व्यापार, निवेश और रक्षा पर होगी बड़ी बातचीत
पीएम मोदी ने यात्रा से पहले कहा कि वह स्वीडन के प्रधानमंत्री के साथ व्यापार, निवेश, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और रक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोप के बड़े उद्योगपतियों के साथ भी उनकी बैठक होगी. माना जा रहा है कि इस दौरे के जरिए भारत और यूरोप के बीच निवेश और कारोबारी रिश्तों को और मजबूत करने की कोशिश की जाएगी.
भारत-स्वीडन रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती
पीएम मोदी का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब भारत और स्वीडन के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है. 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 7.75 अरब डॉलर तक पहुंच गया. विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, रक्षा और उद्योग जैसे क्षेत्रों में नए समझौते हो सकते हैं.
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