प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अफगानिस्तान की यात्रा पर आज पहुंचे और इस दौरान वह देश के राष्ट्रपति अशरफ गनी समेत विभिन्न शीर्ष नेताओं के साथ वार्ता करेंगे और संसद भवन का उदघाटन करेंगे जिसे भारत द्वारा नौ करोड़ डॉलर की लागत से बनवाया गया है। Also Read - New Education Policy: पीएम मोदी ने कहा- प्री-नर्सरी से पीएचडी तक जल्द ही लागू हों नई शिक्षा नीति के नियम

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प्रधानमंत्री तड़के मॉस्को से रवाना हुए जहां उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्षिक शिखर वार्ता की। मोदी का यहां पहुंचने पर अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहम्मद हानिफ अतमार और उप विदेश मंत्री हेकमत करजई ने स्वागत किया। Also Read - मैरीटाइम इंडिया समिट 2021: पीएम मोदी ने कहा- भारत विकास कर रहा है, दुनिया के देश आएं और इसका हिस्सा बनें

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, रूस से अफगानिस्तान की ओर रवानगी। भोर से पहले काबुल आगमन के बाद एक अन्य दोस्त के साथ वार्ता का एक और दिन। यह भी पढ़े-रूस यात्रा संपन्न कर अफगानिस्तान पहुंचे PM मोदी

काबुल आगमन पर मोदी ने कहा, काबुल में मित्रों के बीच पहुंचकर खुश हूं। अशरफ गनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अब्दुल्ला अब्दुल्ला और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाकात होगी।

-पेश है 10 खास बातें।

1-पीएम मोदी सुबह ही रूस की यात्रा से लौटे हैं। आज वह अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ अफगान सदन के ज्वाइंट सेशन को संबोधित करेंगे।

2-युद्ध से जूझ रहे अफगानिस्तान में भारत ने मित्रता की मिसाल के तौर पर बनने वाली इस संसद का काम 2007 में शुरू हुआ। इस इमारत को भारत की ओर से अफगानिस्तान को लोकतंत्र की प्रतीकात्मक भेंट करार दिया जा रहा है। यह भी पढ़े-मॉस्को में भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, रूस भारत का सच्चा दोस्त है

3-इसे नवंबर 2011 में ही बनकर तैयार होना था, लेकिन इसकी तिथि दो बार बढ़ानी पड़ी। इसका डिजाइन मुगल और आधुनिक स्थापत्य कला पर आधारित है। भारत ने इसे 9 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत से बनाया है।

4-पीएम मोदी आज राष्ट्रपति अशरफ गनी से भी मुलाकात करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेता मुलाकात के बाद साझा बयान देंगे।

5-उम्मीद की जा रही है कि पीएम मोदी आज अफगानिस्तान के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ अब्दुल्ला अब्दुल्ला और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से भी मिलेंगे।

6-पीएम की यह यात्रा अफगानिस्तान को तीन रूसी हेलीकॉप्टर एमआई 25 गनशिप पहुंचाने के दो दिन बाद हो रही है। ये हेलीकॉप्टर मशीन गन, रॉकेट और ग्रेनेड लॉन्चरों से लैस हैं। यह भी पढ़े-राष्ट्रपति पुतिन से मिले पीएम मोदी, द्विपक्षीय वार्षिक सम्मेलन शुरू

7-भारत ने अब तक अफ़ग़ानिस्तान में सड़कें, इमारतें बनाने और वहां के सैन्य बलों को ट्रेनिंग तक ही ख़ुद को सीमित रखा है। अमेरिका की तरफ से कई बार कहा गया कि भारत, अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान से लड़ने में सैन्य सहयोग दे, लेकिन भारत दूर ही रहा। पाकिस्तान लगातार भारत पर अफ़ग़ानिस्तान में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश का आरोप लगाता रहा है।

8-मोदी की इस यात्रा को लेकर अफगानिस्तान में भी खासी उत्सुकता है। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी की यह पहली काबुल यात्रा है और मोदी से पहले 2011 में मनमोहन सिंह ने काबुल का दौरा किया था।

9-भारत ने अफगानिस्तान को मदद और पुनर्निर्माण के लिए 2 अरब डॉलर निवेश कर रखा है, इसके अलावा वहां के अफसरों को भारत लगातार ट्रेनिंग देता रहता है।

10-पीएम मोदी ने ट्वीट करके अपने काबुल पहुंचने की पुष्टि की। पीएम मोदी ने कहा कि मैं काबुल में अपने दोस्तों के बीच पहुंच गया हूं। यह भी पढ़े-रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने PM मोदी को महात्मा गांधी की हस्तलिखित पन्ना और 18वीं सदी की तलवार गिफ्ट की

पीएम के रूस दौरे पर क्या हुआ ?

अफगानिस्तान से पहले पीएम मोदी दो दिन के रूस दौरे पर थे। भारत और रूस ने अपने सामरिक संबंधों को और गति प्रदान करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किये जिसमें 226 सैन्य हेलीकाप्टर के संयुक्त निर्माण और 12 परमाणु संयंत्र स्थापित करना शामिल है, जिसमें भारत की स्थानीय कंपनियों की सहभागिता होगी।