वुहान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच चीन के क्रांतिकारी नेता माओ त्से तुंग की पसंदीदा जगह वुहान में ”दिल से दिल” की अनोखी बात शुरू हो गई है. हुबेई प्रोविंशियल म्यूजियम में दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत शुरू हुई. इस संग्रहालय में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पुरावशेष मौजूद हैं. अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं के बीच हो रही इस दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर बैठक के दौरान द्विपक्षीय, वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी. Also Read - पीएम मोदी ने FAO की 75वीं वर्षगांठ पर 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया

बता देें,  पीएम मोदी अपने चार साल के कार्यकाल में ये चौथी बार पहुंचे है. मोदी ऐसे भारतीय पीएम हैं, जो सबसे ज्यादा चीन गए हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तीन बार चीन की यात्रा कर चुके हैं.

प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार सुबह वुहान पहुंचे, जहां राष्ट्रपति शी ने उनका भव्य स्वागत किया. इसके तुरंत बाद दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा,”दोनों नेता रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों में हुए विकास की समीक्षा करेंगे.”

वुहान स्थित हुबेई प्रोविंशियल म्यूजियम में आयोजित सांस्कृतिक समारोह देखने से पहले मोदी और शी ने हाथ मिलाया और तस्वीरें खिंचवाईं. बता दें कि चीन के क्रांतिकारी नेता माओ त्से तुंग छुट्टियों में अकसर वुहान और यहां स्थित ईस्ट लेक आना पसंद करते थे.

दोनों नेताओं के बीच इस अनौपचारिक शिखर बैठक को पिछले वर्ष 73 दिन तक चले डोकलाम गतिरोध के बाद भारत – चीन संबंधों को सुधारने और विश्वास बहाली के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. सीधी बातचीत का दौर खत्म होने के बाद दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक में दोनों पक्षों के 6 – 6 शीर्ष अधिकारी मौजूद होंगे.इसके बाद दोनों नेता प्रसिद्ध ईस्ट लेक में आमने – सामने बैठ कर रात का भोजन करेंगे.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच इसके बाद की बातचीत शनिवार सुबह 10 बजे ( स्थानीय समयानुसार ) झील के किनारे टहलते और नौकायन करते हुए शुरू होगी. फिर दोपहर के भोजन के साथ उनकी बातचीत का सिलसिला थमेगा.

दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक मुलाकात 2014 में शुरू हुई थी जब मोदी ने गुजरात के साबरमती आश्रम में शी की मेजबानी की थी. उसके बाद से दोनों ने कई अंतरराष्ट्रीय बैठकों के दौरान एक – दूसरे से मुलाकात और बातचीत की. (इनपुट- एजेंसी)