सिंगापुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के अंतिम चरण में शुक्रवार को सुबह सिंगापुर की प्रेसिडेंट हलीमा याकूब से शिष्टाचार मुलाकात प्रेसिडेंशियल पैलेस में की. प्रधानमंत्री नरेंद्रमोडी का सिंगापुर के प्रेसिडेंशियल महल इस्ताना में औपचारिक स्वागत किया गया. इसके बाद पीएम मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन से मुलाकात की और दोनों के बीच शिखर वार्ता शुरू हो गई. पीएम मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन की मौजूदगी में भारत और सिंगापुर के बीच समझौतों का आदान-प्रदान किया. इस दौरान भारत और सिंगापुर के बीच कई समझौते  हुए और साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हुई. सिंगापुर के पीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में लंच भी रखा है.

प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में गुरुवार को सिंगापुर पहुंचे. पीएम मोदी ने मलेशिया में कुछ देर रुककर नव – निर्वाचित प्रधानमंत्री महातिर बिन मोहम्मद से मुलाकात करने के बाद मोदी सिंगापुर आए.विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा , ”प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा सिंगापुर और भारत के बीच करीबी संबंधों को दर्शाती है और वे 2015 में हस्ताक्षर किए गए भारत – सिंगापुर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाएंगे.”

सिंगापुर में विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में शुक्रवार को आधिकारिक स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा. मोदी राष्ट्रपति हलीमा याकूब से शिष्टाचार भेंट करने के बाद सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली एच. लूंग के साथ बातचीत करेंगे. मोदी और ली मरीना बे सैंड्स कन्वेंशन सेटर में नवोन्मेष और उद्यमिता पर आयोजित एक व्यापारिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.
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8 लाख लोग भारत की विविधता के यहां प्रतिनिधि
पीएम मोदी ने गुरुवार को एक व्यापारिक और सामुदायिक प्रोग्राम के दौरान भारत व सिंगापुर के बीच के संबंध को ‘हमारी विरासत’ बताया. उन्होंने कहा सिंगापुर की सफलता इसकी बहु सांस्कृतिक समाज के सौहार्द में है. इसके विविधता के जश्न में विशिष्ट व अनूठी सिंगापुर की पहचान है. भारत और सिंगापुर के बीच हार्दिक और निकटतम संबंध है. भारतीय मूल के यहां 800,000 लोगों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, यहां सिंगापुर में आप भारत की विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कहा, “इस असाधारण विरासत की नींव पर हमारे मानव संपर्क की संपत्ति व हमारे साझा मूल्य की ताकत पर भारत व सिंगापुर हमारे युग का संबंध बना रहे हैं. ”

भारत- सिंगापुर के बीच हार्दिक और निकटतम संबंध
पीएम मोदी ने कहा कि यह संबंध है, जो सामरिक साझेदारी के परीक्षण को वास्तविक रूप से पूरा करता है”. भारत व सिंगापुर ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 2015 में सामरिक साझेदारी तक बढ़ाया. मोदी ने कहा कि जब भारत ने दरवाजे खोलकर पूर्व की ओर देखा, तब सिंगापुर हमारा सहयोगी बना और भारत और आसियान (दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन) के बीच सेतु बना.
उन्होंने कहा, भारत और सिंगापुर के बीच हार्दिक और निकटतम राजनीतिक संबंध है. मोदी ने कहा कि हमारे बीच कोई संघर्ष या दावा नहीं है, न ही कोई रोष या संदेह है. (इनपुट एजेंसी)