न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात में पीएम मोदी ने कहा कि भारत को पाकिस्तान से बातचीत करने में कोई संकोच नहीं है लेकिन इसके लिए वह इस्लामाबाद से कुछ ठोस कदम उठाने की उम्मीद करता है, जो कि अभी तक नहीं हुआ है. मोदी ने ट्रंप से यह भी कहा कि दुनिया में मुस्लिमों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी भारत में है और वैश्विक आतंकी गतिविधियों या कट्टरपंथ का रास्ता अख्तियार करने वालों में भारतीय मुसलमानों की संख्या ‘काफी कम’ है. इससे पहले ट्रंप ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंक पर भारत का समर्थन किया था और कहा था कि मोदी मामले से निपट लेंगे.

विदेश सचिव विजय गोखले ने बाद में पत्रकारों से कहा, “प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि हमें पाकिस्तान के साथ बातचीत करने में कोई संकोच नहीं है, लेकिन इसके लिए हम पाकिस्तान द्वारा कोई ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद करते हैं और हमें पाकिस्तान की तरफ से ऐसे कदम उठाए जाने का कोई प्रयास होता नजर नहीं आता.” मोदी और ट्रंप के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर लंबी बातचीत हुई. विदेश सचिव ने कहा, “प्रधानमंत्री ने ट्रंप को बताया कि बीते 30 वर्षो में आतंकी घटनाओं में भारत में 42,000 लोगों की मौत हो गई और इसलिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए यह जरूरी है कि आतंक को मिटाने के लिए हम साथ मिलकर लड़ें.”

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उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि भारत में मुस्लिमों की सबसे बड़ी या फिर दूसरी सबसे बड़ी आबादी रहती है, जिनकी दुनिया में अन्य देशों के मुकाबले आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता या फिर कट्टरता का रास्ता अख्तियार करने का स्तर बहुत कम है. यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है जिसके बारे में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को जानना चाहिए.” वहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को इस्लामाबाद से बातचीत करने में कोई संकोच नहीं है.

गोखले ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री की तरफ से की गई पहलों का कुछ जवाब आना चाहिए लेकिन उनमें से किसी का भी जवाब नहीं आया, चाहे वह शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रधानमंत्री का भेजा गया निमंत्रण हो या उसके बाद दिसंबर 2015 में न्यूनतम सुरक्षा के बीच लाहौर का खास दौरा हो.’’ गोखले ने बताया कि मोदी ने भारत को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी का घर बताते हुए कहा कि विदेशी लड़ाकों (जैसे कि इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा) की संख्याओं में से भारत की भागीदारी बहुत कम है. इस बैठक से दो दिन पहले दोनों नेताओं ने रविवार को ह्यूस्टन में मुलाकात की और ‘हाउडी, मोदी’ महारैली में मंच साझा किया जहां उन्होंने आतंकवाद से लड़ाई पर करीबी मित्रता और साझा दूरदृष्टि प्रदर्शित की.