ओसाका (जापान): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूस-भारत-चीन (आरआईसी) त्रिपक्षीय मंच पर यहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान आतंकवाद से उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए इस मसले पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की आवश्यकता बताई. तीनों नेताओं ने उनके बीच त्रिपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की और अपने-अपने अधिकारियों को बातचीत करने को कहा. Also Read - चीन ने भारत सीमा के पास तिब्बत में पहली बुलेट ट्रेन सेवा शुरू की

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विदेश सचिव विजय गोखले ने जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर इस मुलाकात के बाद संवाददाताओं को बताया कि आतंकवाद के मसले पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एक वैश्विक चुनौती है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को सामूहिक रूप से इसका मुकाबला करना चाहिए. गोखले ने बताया कि मोदी ने कहा कि उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करने के मद्देनजर विचार-विमर्श करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करने की मांग की है और वह आश्वस्त हैं कि चीन और रूस इस पहल का समर्थन करेंगे. वार्ता के संबंध में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि तीनों नेताओं ने बहुपक्षीय चुनौतियों की चर्चा भी की और इस बात पर जोर दिया कि इनका समाधान एकपक्षीय के बदले स्थापित संस्थानों के माध्यम से किया जाना चाहिए.

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गोखले ने बताया कि उन्होंने वाणिज्य के क्षेत्र में संरक्षणवाद का विरोध करने की प्रवृति की आवश्यकता को भी रेखांकित किया और विकासशील व अल्प विकसित राष्ट्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में सुधार पर बल दिया. विदेश सचिव ने बताया, “तीनों नेता इस बात से सहमत थे कि बदले आर्थिक और वैश्विक माहौल के युग में वैश्वीकरण, मुक्त व्यापार की प्रवृति को बनाए रखना और संरक्षणवाद की प्रवृति का विरोध करना आवश्यक है. तीनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों के इतर अनौपचारिक त्रिपक्षीय सम्मेलन आयोजित करने की परंपरा को जारी रखने पर सहमति जताई.