नई दिल्‍ली/ रियाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की यात्रा पर सोमवार देर रात रियाद पहुंचे, जहां उनकी भव्‍य आगवानी की गई.
सऊदी अरब के बहु-चर्चित सालाना वित्तीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य देशों के नेता भाग लेंगे. पीएम सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज और युवराज मोहम्मद बिन सलमान के साथ मंगलवार को द्विपक्षीय बातचीत करेंगे. इस दौरा दोनों पक्षों के बीच विभिन्‍न क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.

भारत-सऊदी अरब रणनीतिक भागीदारी मजबूत करना 
मंगलवार से शुरू हो रहे इस तीसरे सम्मेलन ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम’ का उद्देश्य खाड़ी देश को तेल आधारित अर्थव्यवस्था को विविध रूप देने में मदद के लिए विदेशी निवेशकों को आकर्षित करना है. प्रधानमंत्री ने कहा, यात्रा के दौरान, रणनीतिक भागीदारी परिषद की स्थापना के लिए समझौता भारत-सऊदी अरब रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत कर नए स्तर पर ले जाएगा.’’

व‍िभ‍िन्‍न क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं
मंच को संबोधित करने के अलावा वह सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज और युवराज मोहम्मद बिन सलमान के साथ मंगलवार को द्विपक्षीय बातचीत करेंगे. दोनों पक्ष तेल एवं गैस, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा नागर विमानन क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.

ये अहम बैठकें होंंगी
पीएम मोदी सम्मेलन में ‘भारत के लिए आगे क्या’? विषय पर एक सत्र को संबोधित करेंगे. इस मंच को ‘मरुभूमि में दावोस’ कहा जाता है. तीन दिवसीय ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम’ में सरकार, उद्योगपति और वित्त पोषक भाग लेंगे. बैठक में वैश्विक व्यापार और उसकी प्रवृत्ति पर चर्चा के साथ आने वाले दशकों में वैश्विक निवेश परिदृश्य को लेकर अवसर और चुनौतियों पर बातचीत की जाएगी. बैठक में अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन न्यूचिन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार तथा दामाद जेरेड कुशनेर भी शामिल होंगे. कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री खान भी लगातार दूसरी बार शामिल होंगे.

भारत-सऊदी अरब के बीच घनिष्ठ संबंध
प्रधानमंत्री ने यात्रा पर रवाना होने से पहले नई दिल्ली में कहा, भारत और सऊदी अरब के बीच पारंपरिक रूप से घनिष्ठ तथा प्रगाढ़ संबंध रहे हैं. सऊदी अरब भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में सबसे बड़े और भरोसेमंद आपूर्तिकर्ताओं में से एक रहा है.’’ उन्होंने कहा कि मैं सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान से भी मिलूंगा और द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न मुद्दों तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करूंगा.

रणनीतिक भागीदारी परिषद की स्‍थापना 
मोदी ने कहा कि सऊदी अरब के साथ रक्षा, सुरक्षा, संस्कृति, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क, द्विपक्षीय सहयोग के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं. दोनों देश प्रमुख मुद्दों पर समन्वय के लिए रणनीतिक भागीदारी परिषद स्थापित करने को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे. परिषद के अध्यक्ष प्रधानमंत्री मोदी और सऊदी युवराज होंगे. इसकी बैठक हर दो साल पर होगी.

भारत और सऊदी अरब के बीच परंपरागत दोस्ताना रिश्ता 
प्रधानमंत्री ने कहा, यात्रा के दौरान, रणनीतिक भागीदारी परिषद की स्थापना के लिए समझौता भारत-सऊदी अरब रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत कर नए स्तर पर ले जाएगा. उन्‍होंने एक कहा, “भारत और सऊदी अरब के बीच परंपरागत रूप से करीबी दोस्ताना रिश्ता है. सऊदी अरब भारत की ऊर्जा की जरूरतों की पूर्ति करने वाले सबसे बड़े देशों में शुमार है.”

रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई मिलेगी
पीएम ने कहा, “क्राउन प्रिंस फरवरी में नई दिल्ली के अपने दौरे के दौरान भारत में प्राथमिकता के क्षेत्रों में 100 अरब डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी.” रक्षा, सुरक्षा, व्यापार संस्कृति, शिक्षा और लोगों के बीच परस्पर संपर्क सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय सहयोग के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं.” इस दौरे के दौरान रणनीतिक साझेदारी परिषद की स्थापना के लिए करार से भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई मिलेगी.

भारत 2024 तक 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर 
फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम में मोदी भारत में वैश्विक निवेशकों के लिए बढ़ते व्यापार और निवेश के अवसरों के संबंध में चर्चा करेंगे, क्योंकि भारत 2024 तक 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर है. प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व प्रोग्राम के लिए वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी प्रोजेक्ट समेत प्रमुख ऊर्जा करार होंगे.

पेट्रोलियम रिजर्व प्रोग्राम पर भी करार हो सकता है
भारतीय रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व प्रोग्राम पर भी करार हो सकता है. इस प्रोग्राम के तहत तीन बड़े भूमिगत भंडारण केंद्र शामिल हैं, जिसका निर्माण भारत ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कर रहा है.

वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी प्रोजेक्ट को फाइनल कर सकते हैैं 
महाराष्ट्र में 44 अरब डॉलर की वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी प्रोजेक्ट को दोनों देश अंतिम रूप प्रदान कर सकते हैं. इस प्रोजेक्ट में सऊदी अरामको की बड़ी हिस्सेदारी है.