न्यूयार्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तरह की मध्यस्थता से दूरी बनाते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान कश्मीर पर कोई हल निकाल सकें तो यह अच्छा होगा. ट्रंप ने सवालों के जवाब में कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री खान जब एक-दूसरे को अच्छी तरह जान जाएंगे तो मुलाकात करेंगे. मुझे लगता है कि मुलाकात से बहुत सारी अच्छी चीजें निकलकर आएंगी. यह अच्छा होगा अगर वे कश्मीर पर कोई हल निकाल सकें. पाकिस्तानी सरजमीं से पैदा हो रहे आतंकवाद और आतंकवादी समूहों से पाकिस्तानी सेना के संबंधों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी इसे संभाल लेंगे.

ट्रंप ने न्‍यूयॉर्क संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के इतर मोदी से मुलाकात के दौरान ये टिप्पणी की. मोदी के इस साल मई में दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में आने के बाद से ट्रंप के साथ यह चौथी मुलाकात है.

बता दें कि इससे एक दिन पहले ट्रंप ने खान मुलाकात की थी और कहा था कि अगर भारत और पाकिस्तान राजी हों तो वह कश्मीर मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर सकते हैं. भारत का रुख रहा है कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है और किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं है. पाकिस्तानी सरजमीं से पैदा हो रहे आतंकवाद और आतंकवादी समूहों से पाकिस्तानी सेना के संबंधों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी इसे संभाल लेंगे.

एक भारतीय पत्रकार के सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, आपके पास बहुत अच्छे प्रधानमंत्री हैं, वह सभी समस्याएं हल कर लेंगे. इस बीच, ट्रंप ने यह भी कहा कि जल्द ही उनका देश भारत के साथ एक व्यापार समझौते पर पहुंच जाएगा. इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी. दोनों देश व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं और कई जटिल मुद्दों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है.

ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, “हम इस पर अच्छा कर रहे हैं… मुझे लगता है कि जल्द ही हम व्यापार समझौता कर लेंगे.” संवाददाताओं ने उनसे पूछा था कि क्या भारत- अमेरिका वार्ता में किसी व्यापार समझौते की उम्मीद है.

वहीं, संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने कहा, जहां तक व्यापार का संबंध है मैं बहुत खुश हूं कि ह्यूस्टन में मेरी मौजूदगी में भारतीय कंपनी पेट्रोनेट ने 2.5 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए और इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में इससे 60 अरब डॉलर का व्यापार होगा और 50,000 नौकरियां पैदा होंगी] जो मेरे हिसाब से भारत द्वारा की गई बड़ी पहल है.

इस बैठक से दो दिन पहले दोनों नेताओं ने रविवार को ह्यूस्टन में मुलाकात की और ‘हाउडी, मोदी’ महारैली में मंच साझा किया जहां उन्होंने आतंकवाद से लड़ाई पर करीबी मित्रता और साझा दूरदृष्टि प्रदर्शित की. मोदी ने ट्रंप की तारीफ करते हुए उन्हें भारत का अच्छा दोस्त बताया और हाउडी मोदी रैली में अमेरिकी राष्ट्रपति के शिरकत करने पर खुशी जताई.

मोदी ने कहा, मैं ट्रंप का आभारी हूं कि वह ह्यूस्टन आए. वह मेरे मित्र हैं लेकिन वह भारत के भी अच्छे मित्र हैं. वहीं, ट्रंप ने ‘हाउडी, मोदी’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा, ”वे मेरे दाहिने ओर बैठे इस सज्जन को प्यार करते हैं. लोगों में उनके लिए जुनून था, वह एल्विस की तरह हैं. ऐसा लगा जैसे एल्विस प्रिस्ले वापस आ गए.” इस मौके पर मोदी ने ट्रंप को ‘हाउडी, मोदी’ कार्यक्रम की एक फ्रेम की हुई तस्वीर भी भेंट कीं. इस पर ट्रंप ने उन्हें शुक्रिया अदा
किया.