इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया है. इस बार उन्होंने जम्मू कश्मीर के लोगों को सहयोग देने की बात कही. उन्होंने सोमवार को कहा कि उनका देश जम्मू-कश्मीर के लोगों को कूटनीतिक, राजनीतिक एवं नैतिक सहयोग देना जारी रखेगा. मानवाधिकार दिवस पर अपने संदेश में खान ने यह टिप्पणी की. यह दिवस हर साल 10 दिसंबर को मनाया जाता है. Also Read - पाकिस्तान: कोरोना से लड़ाई में बाधा बनी तब्लीगी जमात की गतिविधियां, मुख्यालय में मिले 27 कोरोना संक्रमित

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70 साल पहले आज ही के दिन मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को मानवाधिकार दिवस के रूप में स्वीकार किया गया था. खान ने कहा, ‘मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 70वीं वर्षगांठ पर, मानवीय गरिमा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता के अपरिहार्य अधिकार के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों के न्यायोचित संघर्ष में हम अपने पूर्ण कूटनीतिक, राजनीतिक एवं नैतिक समर्थन की पुन: पुष्टि करते हैं.’ Also Read - Covid 19: पाक में हिंदुओं को सरकारी राशन तक नहीं दिया जा रहा, भूखे रहने की नौबत

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उन्होंने कहा कि यह साल पाकिस्तान के लिए इस लिहाज से भी महत्त्वपूर्ण है कि वह अब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का सदस्य है. खान ने कहा, पाकिस्तान का चौथी बार परिषद का सदस्य बनना अंतरराष्ट्रीय समुदाय का पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नीतिगत संरचना के तहत आम सहमति निर्माता के तौर पर मानने के भरोसे का गवाह है.’ बता दें कि इससे पहले भी इमरान खान कई बार अपने भाषणों में पकिस्तान का ज़िक्र कर चुके हैं. कुछ दिन पहले ही उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर की नींव रखे जाने के दौरान कहा था कि बातचीत से जम्मू कश्मीर का मसला सुलझाया जा सकता है.