भारत में वांछित हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) ने मंगलवार को लंदन के उच्च न्यायालय में भारत प्रत्यर्पण किए जाने के खिलाफ नई याचिका दायर की है. उसके खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े दो अरब डॉलर के घोटाले के मामले में धनशोधन और धोखाधड़ी के आरोप में भारत में मुकदमा चलाया जाना है. दक्षिण पश्चिम लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में बंद 50 वर्षीय हीरा कारोबारी को पिछले हफ्ते उच्च न्यायालय में याचिका के पहले चरण में हार का सामना करना पड़ा था. न्यायाधीश ने उसकी याचिका ‘लिखित रूप से’ नामंजूर कर दी थी.Also Read - PNB Scam: अब मेहुल चोकसी की पत्नी पर ED की नजर, नए आरोपपत्र में चोकसी की पत्नी प्रीति का भी नाम

मोदी के वकीलों के पास 16 अप्रैल को ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल द्वारा जारी प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ याचिका दायर करने की मंजूरी के लिए दलील पेश करने की खातिर मौखिक सुनवाई की मांग करने वाली नयी याचिका देने के लिए पांच दिन का समय था. अदालत के एक अधिकारी ने मंगलवार को पुष्टि करते हुए कहा, ‘नयी सुनवाई 21 जुलाई, 2021 के लिए सूचीबद्ध की गयी है.’ Also Read - पीएनबी मामले में सीबीआई के हाथ लगी बड़ी सफलता, नीरव मोदी के सबसे भरोसेमंद को लाया गया मुंबई

अगले महीने तय संक्षिप्त सुनवाई में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश इस बात का निर्धारण करेंगे कि क्या गृह मंत्री के फैसले के खिलाफ याचिका देने का कोई आधार है या नहीं? वह यह भी फैसला करेंगे कि फरवरी में वेस्टमिंस्टर मेजिस्ट्रेट अदालत के मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने के पक्ष में सुनाए गए फैसले के मामले में पूर्ण सुनवाई की जाए या नहीं. Also Read - विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से बैंकों में लौटे 18,000 करोड़ रुपये- केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

भारतीय प्राधिकरणों की ओर से अदालत में पैरवी कर रहे क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विसेज (सीपीएस) ने इससे पहले कहा कि वह प्रक्रिया के अगले चरणों का इंतजार कर रही है. सीपीएस ने पिछले महीने कहा था, ‘अगर उसे (मोदी को) याचिका देने की मंजूरी दी जाती है तो हम भारत सरकार की ओर से ऐसी किसी भी याचिका कार्यवाही के खिलाफ खड़े होंगे.’

(इनपुट: भाषा)