कोपेनहेगन: डेनमार्क में पुलिस ने बुर्का पहनकर एक पुलिस स्टेशन में प्रवेश करने पर तुर्की की एक पर्यटक पर 1,000 क्रोनर (155 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया. महिला अपने वीजा को रिन्यू कराने आई थी. दरअसल, डेनमार्क की सरकार ने तीन माह पहले सार्वजनिक स्थलों पर पूरे चेहरे पर इस्लामी हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाया था. यूरोपीय देशों में लंबे समय से सार्वजनिक जगहों पर बुर्का पर बैन लगाने की मांग की जा रही थी. कई स्कूलों में इस पर बैन लगा हुआ है. इसे लेकर मुस्लिम समुदाय के लोग विरोध जताते रहे हैं.

डेनमार्क में सार्वजनिक जगहों पर पूरे चेहरे पर हिजाब पहनने पर पाबंदी

पश्चिमी डेनमार्क के आरहुस में पुलिस ने कहा कि 48 वर्षीय महिला को डेनमार्क में हाल में लागू कानून, जिसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र में ऐसा वस्त्र पहनना गैरकानूनी है, की जानकारी नहीं थी. विवादित ‘बुर्का प्रतिबंध’ के अधिनियम के तहत बुर्का, नकाब समेत चेहरे को ढंकने वाले ऐसे किसी भी वस्त्र को पहनने पर प्रतिबंध लगा है. पुलिस ने मंगलवार को कहा कि महिला ने जुर्माना भरा, अपने चेहरे पर से कपड़ा हटा लिया और चली गई.

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तीन माह पहले लगाया था
डेनमार्क की सरकार ने तीन माह पहले सार्वजनिक स्थलों पर पूरे चेहरे पर इस्लामी हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था. संसद ने 31 मई 2018 को इस प्रतिबंध का कानून पारित किया था. इस प्रतिबंधात्मक कानून को यूरोप में सबसे पहले डेनमार्क ने ही पारित किया था. इस तरह बुर्का पर रोक लगाने वाला यूरोप का पहला देश डेनमार्क बन गया था.
– कानून के अनुसार, चेहरे को छिपाने वाला कपड़ा पहनने वाले व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जाएगा.
– संसद में कानून के पक्ष में 75 जबकि विपक्ष में 30 वोट डाले गए थे
– सरकार द्वारा पेश किए गए कानून का सोशल डेमोक्रेट्स और घोर दक्षिणपंथी डैनिश पीपुल्स पार्टी ने भी समर्थन किया

लगेगा भारी जुर्माना
– इस्लामी हिजाब पहनने पर प्रतिबंध का ये कानून एक अगस्त को प्रभाव में आ गाया था.
– सार्वजनिक स्थल पर बुर्का या नकाब पहनने पर 1,000 क्रोनर (156 डॉलर, 134 यूरो) का जुर्माना है
– दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10,000 क्रोनर तक का जुर्माना लगेगा
– बुर्का महिलाओं के पूरे चेहरे को ढंकता है, जबकि नकाब में बस उसकी आंखें दिखती हैं
– डेनमार्क में कितनी महिलाएं नकाब या बुर्का पहनती हैं, ये संख्या अभी पता नहीं है
– यूरोपीय मानवाधिकार कोर्ट ने पिछले साल सार्वजनिक स्थल पर नकाब पहनने पर बेल्जियम में लगाया गया प्रतिबंध बरकरार रखा था

फ्रांस है पहला यूरोपीय देश
– सार्वजनिक स्थलों पर नकाब पहनने पर रोक लगाने वाला फ्रांस यूरोप का पहला देश था.