Political drama in Nepal: नेपाल में स्थायी सरकार ना होने की स्थिति में प्रधानमंत्री पद संभाल रहे केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने आज शुक्रवार को सरकार बनाने का दावा किया. हिमालय टाइम्स (Himalayan Times) की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीएम ओली राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी (Nepal President Bidya Devi Bhandari) के आधिकारिक आवास पर पहुंचे और सरकार बनाने का दावा किया. एक दिन पहले ही राष्ट्रपति ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था.Also Read - भारतीय सेना अध्यक्ष से बोले नेपाली प्रधानमंत्री, भारत और नेपाल का रिश्ता है सदियों पुराना

अब चौंकाने वाली बात ये है कि केपी शर्मा ओली की राष्ट्रपति से मुलाकात के चंद मिनट बाद विपक्ष भी विद्या देवी के आवास पर पहुंचा और नई सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. हालांकि इससे पहले गुरुवार को ही प्रधानमंत्री ओली ने प्रतिनिधि सभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित करने के लिए एक और फ्लोर टेस्ट से गुजरने की अनिच्छा जताई थी. Also Read - ओली के बयान पर भड़के केशव प्रसाद मौर्या, कहा- नेपाल भी भारत का हिस्सा रहा है

मालूम हो कि इस महीने की शुरुआत में संसद में पीएम ओली के विश्वास मत हारने के बाद इस हिमायली राष्ट्र में उथल-पुथल शुरू हो गई थी. ये राजनीतिक अनिश्चितता ऐसे समय में पैदा हुई जब देश कोरोना (Nepal COVID-19 News Update) के रिकॉर्ड बढ़ते हुए मामलों का सामना कर रहा है. Also Read - नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी की मीटिंग सोमवार तक के लिए टली, PM ओली पर होना था फैसला

मामले में पीएम ओली के मुख्य सलाहकार विष्णु रिमल ने ट्वीट कर कहा कि पीएम केपी शर्मा ओली ने संविधान के अनुच्छेद 76(5) के तहत प्रधानमंत्री पद के लिए दावा पेश किया है. उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (UML) के 121 सांसद और जनता समाजवादी पार्टी (JSP) के 32 सांसदों ने केपी ओली के समर्थन में हस्ताक्षर किए हैं. कुल 153 सासंदों के हस्ताक्षर पीएम ओली ने राष्ट्रपति को सौंपे हैं.

इसी बीच विपक्षी दल, जिसमें नेपाली कांग्रेस (NC), सीपीएम(एस), और सत्तारूढ़ सीपीएन-यूएमएल के माधव नेपाल गुट ने प्रतिनिधि सभा (HoR) के 149 सांसदों के समर्थन का दावा किया है. हिमालय टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में ऐसा दावा किया है.