नई दिल्ली: पोप फ्रांसिस ने मंगलवार को माना कि कैथोलिक चर्च में पादरियों और बिशप ने ननों का यौन उत्पीड़न किया. पोप फ्रांसिस ने ननों के यौन उत्पीड़न के बारे में एक पत्रकार के सवाल पूछने पर कहा कि कुछ ऐसे पादरी और बिशप हैं, जिन्होंने ऐसा किया है. उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात से लौटते समय हवाई यात्रा के दौरान ये बात कही. हाल ही में वेटिकन सिटी की महिलाओं पर केंद्रित एक पत्रिका में पादरियों द्वारा ननों के उत्पीड़न की बात सामने आई है. इसमें कहा गया था कि ननों का गर्भपात कराया गया है या उन्हें अपने बच्चों की परवरिश उन्हें पिता के बगैर ही करनी पड़ रही है.

भारत में भी लगे आरोप
पादरियों द्वारा यौन उत्पीड़न का मामला पिछले साल भारत में भी सुर्खियों में रहा. केरल में एक नन ने एक बिशप कई बार रेप करने का आरोप लगाया. पोप फ्रांसिस ने कहा कि यह समस्या कहीं भी देखने को मिल सकती है. मुझे लगता है कि यह अभी भी चल रहा है, क्योंकि यह कुछ ऐसा नहीं है जो अपने आप दूर चला जाए. पोप ने कहा कि चर्च ने कई पादरियों को सस्पेंड कर दिया है. वेटिकन लंबे समय से इस मुद्दे पर काम कर रहा है.

बताया सांस्कृतिक समस्या
पोप फ्रांसिस ने कहा कि मैं यह नहीं सुनना चाहता कि चर्च को इससे समस्या नहीं हुई. पोप ने कहा कि यह एक सांस्कृतिक समस्या थी, जिसकी जड़ें महिलाओं को सेकेंड क्लास के रूप में देखना है. वेटिकन के ऑस्सेवेरटोरो रोमानो अखबार के साथ बांटे गए सप्लीमेंट ‘वूमेन चर्च वर्ल्ड’ के फरवरी के अंक में कहा गया था कि प्रतिशोध के डर से नन दशकों से दुरुपयोग पर चुप हैं. इसमें कहा गया है कि वेटिकन को 1990 के दशक में अफ्रीका में पादरियों द्वारा ननों के साथ रेप की खबरें मिलती रही हैं. इस तरह के स्कैंडल पर अगर चर्च आंखें मूदें रहा तो आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं.

बिशप फ्रैंको पर लगे आरोप
बिशप फ्रैंको मुलक्कल को एक नन से 13 बार रेप के आरोप में 21 सितंबर 2018 को गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी से एक दिन पहले पोप ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था और उनकी जगह पर दूसरे बिशप की नियुक्ति की थी. बिशप फ्रैंको मुलक्कल पंजाब में जालंधर डाइसिस देख रहे थे. उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था. केरल नन दुष्कर्म मामले के आरोपी बिशप फ्रांको मुलक्कल के खिलाफ गवाही देने वाले फादर कुरियाकोज कट्टथारा पंजाब के होशियारपुर जिले में रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत पाए गए थे.