कोलंबो: श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मंगलवार को कहा कि ईस्टर के दिन हुए हमलों के लिए जिम्मेदार सभी आतंकवादियों को मार गिराया गया है या उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि उन्होंने आगाह किया कि देश के सामने अब भी आईएसआईएस आतंकी हमलों की खतरा बना हुआ है. विक्रमसिंघे ने देश में मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर संसद में बहस के दौरान कहा कि ईस्टर के दिन हुए हमलों से सीधे जुड़े सभी लोग या तो मारे गए या हिरासत में हैं.

नौ आत्मघाती हमलावरों ने ईस्टर के दिन तीन गिरजाघरों और तीन लक्जरी होटलों में विस्फोट किए थे. इस्लामिक स्टेट ने हमलों की जिम्मेदारी ली थी लेकिन लेकिन सरकार ने विस्फोटों के लिए स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात को दोषी ठहराया. विक्रमसिंघे ने कहा कि जांच से पता चला है कि हमलावरों के इस्लामिक स्टेट के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध थे और देश को ऐसे आतंकी नेटवर्क द्वारा उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, ‘‘खतरा खत्म नहीं हुआ है, अब हम वैश्विक आतंकवाद के शिकार हैं.’’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद के वैश्विक खतरे से निपटने के लिए श्रीलंका को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करना चाहिए.

श्रीलंका में हुए विस्फोटों में मरने वालों की संख्या हुई 359, इतने विदेशी नागरिक भी शामिल

इस बीच श्रीलंकाई पुलिस और सैन्य प्रमुखों ने कहा कि देश अब सुरक्षित है और सामान्य होने की ओर अग्रसर है. तीनों सेनाओं के कमांडर और पुलिस प्रमुख ने सोमवार की रात एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 21 अप्रैल को हुये हमले के बाद से देश की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाये गए हैं और इस बात के उपाय किए जा रहे हैं कि विशेष सुरक्षा योजना को लागू किया जाए. कार्यकारी पुलिस महानिरीक्षक चंदाना विक्रमसिंघे ने कहा कि उन सभी लोगों को पकड़ा जा चुका है अथवा उन्हें मार दिया गया है जिनका प्रत्यक्ष संबंध तीन गिरजाघरों एवं तीन आलीशान होटलों में हुये विस्फोट से था.