वाशिंगटनः अमेरिका में कामबंदी का असर यहां की कूटनीतिक और राजनयिक गतिविधियों पर भी पड़ने लगा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकार का कामकाज ठप होने का हवाला देते हुए प्रतिनिधिसभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की अफगानिस्तान और ब्रसेल्स की यात्रा स्थगित कर दी है. इस यात्रा में पेलोसी को सैन्य अधिकारियों और सैनिकों से मुलाकात करनी थी.

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार का कामकाज आंशिक रूप से ठप होने के गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत के वास्ते पेलोसी की जरूरत यहां है. ट्रंप ने गुरुवार को यह कदम तब उठाया जब एक दिन पहले प्रतिनिधि सभा की स्पीकर ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति का 29 जनवरी को होने वाला वार्षिक स्टेट ऑफ यूनियन संबोधन स्थगित किए जाने की अपील की थी.

ट्रंप ने पेलोसी को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘आपको सूचित करते हुए खेद हो रहा है कि सरकार का कामकाज बंद होने के कारण आपकी ब्रसेल्स, मिस्र और अफगानिस्तान की यात्रा टाल दी गई है. जब बंद खत्म हो जाएगा तब हम इस सात दिवसीय यात्रा का कार्यक्रम फिर से तैयार करेंगे.’’ उन्होंने यह भी कहा कि इस ‘‘जन संपर्क कार्यक्रम’’ को टालना पूरी तरह उचित है.

घर बैठे हैं 8,00,000 कर्मचारी
अमेरिका के इतिहास में सबसे लंबे बंद के चलते 8,00,000 से ज्यादा संघीय कर्मचारी घर बैठे हैं जिससे सुरक्षा और विदेश विभाग समेत सरकार के कई अहम विभागों का कामकाज बंद पड़ा है. ट्रंप ने कहा, ‘‘अमेरिका के 8,00,000 कर्मचारियों को वेतन ना मिलने के मद्देनजर मुझे भरोसा है कि आप इससे सहमत होंगी.’’ बहरहाल, पेलोसी के प्रवक्ता ड्रयू हैमिल ने कहा कि यात्रा का मकसद अमेरिकी सैनिकों की सराहना करना और उनसे ‘‘महत्वपूर्ण’’ जानकारी हासिल करना था.

यह बंद सीमा सुरक्षा मुद्दे को लेकर बंटी संसद का नतीजा है. सदन में बहुमत रखने वाले डेमोक्रेट्स ने अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए 5.7 अरब डॉलर के बजट को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है. ट्रंप सीमा पर दीवार बनाने के लिए धनराशि मांग रहे हैं.

ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे भी यह लगता है कि इस अवधि के दौरान यह बेहतर होगा कि आप मेरे साथ बातचीत के लिए वाशिंगटन में रहें और बंद को खत्म करने के लिए मजबूत सीमा सुरक्षा अभियान में शामिल हो. जाहिर है कि अगर आप अपनी यात्रा जारी रखना चाहेंगी तो निश्चित तौर पर यह आपका विशेषाधिकार होगा.’’ पेलोसी ने यूएस कैपिटोल में पत्रकारों से कहा था कि राष्ट्रपति स्टेट ऑफ यूनियन संबोधन स्थगित करने के मुद्दे पर 24 घंटे से भी ज्यादा बीत जाने के बाद भी चुप हैं. इसके तुरंत बाद ट्रंप ने पेलोसी को पत्र लिखा.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा, ‘‘हम उन्हें (पेलोसी) वाशिंगटन में रखना चाहते हैं. अगर वह चली जाएंगी तो निश्चित तौर पर 8,00,000 संघीय कर्मचारियों को दूसरे चरण की तनख्वाह नहीं मिल पाएगी. इस समझौते की समयसीमा मंगलवार आधी रात की है.’’

(इनपुट-भाषा)