ब्रासीलिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आतंकवाद का मुद्दा उठाया और कहा कि इस समस्या के कारण विश्व अर्थव्यवस्था को 1,000 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. ब्रासीलिया के ऐतिहासिक इतामराती पैलेस में ब्रिक्स पूर्ण अधिवेशन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आतंकवाद विकास, शांति और समृद्धि के लिये सबसे बड़ा खतरा है.

 

इस मौके पर ब्राजील, चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मौजूद थे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ अनुमानों के अनुसार आतंकवाद के कारण विकासशील देशों की आर्थिक वृद्धि 1.5 प्रतिशत प्रभावित हुई है…इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था 1,000 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के बीच 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन बृहस्पतिवार को प्रारंभ हुआ. ब्रासीलिया सम्मेलन में व्यापार, निवेश और आतंकवाद निरोधी उपायों पर चर्चा हुई.

ब्रिक्स राष्ट्रों ने दी विकास को गति : मोदी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यहां कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद ब्रिक्स राष्ट्रों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) ने आर्थिक विकास को गति दी है. साथ ही लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है. यहां ब्रिक्स बिजनेस फोरम को हिंदी में संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ब्रिक्स राष्ट्रों की विश्व के आर्थिक विकास में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है. उन्होंने कहा, “वैश्विक मंदी के बावजूद ब्रिक्स राष्ट्रों ने आर्थिक विकास को गति दी है. लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और प्रौद्योगिकी और नवाचार में नया मुकाम हासिल किया है. ब्रिक्स की स्थापना के 10 साल बाद अब यह एक ऐसा फोरम बन गया है जहां हम अपने भविष्य के प्रयासों पर चर्चा कर सकते हैं.”

11वें ब्रिक्स सम्मेलन का हिस्सा बन कर खुश हैं: पीएम मोदी
मोदी ने कहा कि वे दो दिवसीय 11वें ब्रिक्स सम्मेलन का हिस्सा बन कर खुश हैं. मोदी ने आगे कहा, “पांच राष्ट्रों के बीच टैक्स और कस्टम्स प्रक्रियाएं आसान हो रही हैं. बौद्धिक संपदा अधिकारों और बैंकों के बीच आपसी सहयोग से व्यापारिक माहौल भी आसान हो रहा है. मैं ब्रिक्स बिजनेस फोरम से अनुरोध करता हूं कि इस प्रकार उत्पन्न अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए आवश्यक व्यावसायिक पहलों का अध्ययन करें. मोदी ने राष्ट्रों के बीच व्यापार के खर्च को कम करने को लेकर सुझाव देने के लिए राष्ट्रों से अपील की. साथ ही उन्होंने उनसे अगले 10 वर्षों के लिए व्यापार में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने और इंट्रा-ब्रिक्स सहयोग का ब्लूप्रिंट तैयार करने की भी मांग की.

ब्रिक्स राष्ट्रों के बाजार का आकार और विविधता एक-दूसरे के लिए बहुत फायदेमंद
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स राष्ट्रों के बाजार का आकार और विविधता एक-दूसरे के लिए बहुत फायदेमंद है. मोदी ने कहा, “उदाहरण के लिए यदि एक ब्रिक्स राष्ट्र में कोई तकनीक है, तो दूसरे देश में उस तकनीक के लिए कच्चा माल या उसका बाजार हैं. ऐसी संभावनाएं इलेक्ट्रिक वाहनों, डिजिटल प्रौद्योगिकी, उर्वरकों, कृषि उत्पादों, खाद्य प्रसंस्करण, आदि क्षेत्रों में हैं.” उन्होंने फोरम से पांच देशों में इस तरह की समानताओं को लेकर नक्शा बनाने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा, “मैं यह भी सुझाव देना चाहूंगा कि अगले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले करीब पांच ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जानी चाहिए जिनमें समानता के आधार पर हमारे बीच संयुक्त उद्यम का गठन किया जा सकता है.”

देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और रोजगार पाने के अवसरों को आसान बनाने की संभावनाएं
मोदी ने कहा कि देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और रोजगार पाने के अवसरों को आसान बनाने की संभावनाएं हैं. मैं ब्राजील के राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जो उन्होंने भारतीयों के लिए वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा शुरू करने का फैसला लिया. इसी तरह पांचों राष्ट्रों को भी आपसी सोशियल सिक्यूरिटी अग्रीमेंट पर भी विचार करना चाहिए.” भारत के प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “आप सभी भारत की निरंतर प्रगति जैसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस और ग्लोबल इनोवेशन से अच्छी तरह से परिचित हैं. भारत राजनीतिक स्थिरता, अनुमानित नीति और आर्थिक-अनुकूल सुधारों की वजह से दुनिया का सबसे अधिक निवेश-अनुकूल अर्थव्यवस्था है. हम भारत को साल 2024 तक पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था वाला देश बनाना चाहते हैं.”