ओस्लोः इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया है. यह पुरस्कार उनके देश के चिर शत्रु इरिट्रिया के साथ संघर्ष को सुलझाने के लिए दिया गया है. नोबेल कमेटी ने इसकी जानकारी दी है. नोबेल पुरस्कार जूरी ने बताया अबी को ‘‘शांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयासों के लिए और विशेष रूप से पड़ोसी इरिट्रिया के साथ सीमा संघर्ष को सुलझाने के निर्णायक पहल के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.’’

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इस पुरस्कार की घोषणा से पहले स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग का नाम भी शांति का नोबेल के लिए जोरो पर था. कई चर्चित ऑनलाइन वेसाइट पर ग्रेटा के नाम की चर्चा थी. ग्रेटा के अलावा जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल और हांगकांग के कई सारे कार्यकर्ताओं का भी नाम लिया जा रहा था.

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आपको बता दें कि इथियोपिया अफ्रीका महाद्वीप का दूसरा सबसे घनी आबादी वाला देश है और यह पूर्वी अफ्रीका का एक मजबूत अर्थव्यवस्था और प्रगतिवादी देश है. नोबेल पुरस्कार पाने वाले अली आर्मी के एक अफसर थे. अबी जब 2018 में देश के प्रधानमंत्री बने थे तब उन्होंने सबसे पहले इस बात की ही घोषणा की थी कि वे इरीट्रिया के साथ शांती वार्ता को फिर से शुरू करेंगे.

आपको बता दें कि जब से शांति का नोबेल पुरस्कार शुरू किया गया है तब से अब तक कुल 17 महिलाएं, 89 पुरुषों और 27 संगठनों को इसे दिया जा चुका है. पाकिस्तान की मलाला युसुफजई सबसे कम उम्र की शांति का नोबेल पुरस्कार पाने वाली विजेता हैं. उन्हें 2014 में यह दिया गया था.