नई दिल्ली: ब्रह्मांड की जटिल गुत्थियों को सुलझाने, ब्लैक होल और सिंगुलैरीटी तथा सापेक्षता के सिद्धांत के क्षेत्र में अपने अनुसंधान से महान योगदान देने वाले भौतिकीविद और ब्रह्मांड विज्ञानी स्टीफन हॉकिंस का आज कैम्ब्रिज स्थित उनके आवास पर आज निधन हो गया. वह76 वर्ष के थे. ब्रिटिश वैज्ञानिक हॉकिंग के बच्चों लुसी, रॉबर्ट और टिम ने एक बयान में कहा है, हमें बहुत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे पिता का आज निधन हो गया.Also Read - जलवायु संकट पर संयुक्त राष्ट्र की चौंकाने वाली रिपोर्ट! वैज्ञानिक बोले- बिगड़ने वाले हैं हालात, कहीं भागने की जगह नहीं

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बयान के मुताबिक, वह एक महान वैज्ञानिक और अद्भुत व्यक्ति थे जिनके कार्य और विरासत आने वाले लंबे समय तक जीवित रहेंगे. उनकी बुद्धिमतता और हास्य के साथ उनके साहस और दृढ़- प्रतिज्ञा ने पूरी दुनिया में लोगों को प्रेरित किया है. उसमें कहा गया है, उन्होंने एक बार कहा था, अगर आपके प्रियजन ना हों तो ब्रह्मांड वैसा नहीं रहेगा जैसा है. हम उन्हें हमेशा याद करेंगे. Also Read - वैज्ञानिकों ने भारत में अलग तरह के कोरोना का पता लगाया, वायरस का एक अनूठा ग्रुप मिला

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हॉकिंग 1963 में मोटर न्यूरॉन बीमारी के शिकार हुए और डॉक्टरों ने कहा कि उनके जीवन के सिर्फ दो साल बचे हैं. जुझारू हॉकिंस अपनी बीमारी का पता लगने के बाद कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ने चले गये और अल्बर्ट आइंस्टिन के बाद वह दुनिया के सबसे महान भौतिकीविद बने. इस बीमारी के कारण हॉकिंस का शरीर लकवाग्रस्त हो गया था और उनका शरीर पूरी तरह से व्हीलचेयर पर सिमट कर रह गया था, लेकिन उनका दिमाग ब्रह्मांड की गुत्थियां सुलझाने में व्यस्त रहता.

600 सालों में पृथ्वी आग के गोले में तब्दील हो जाएगी

कुछ समय पहले ही स्टीफन हॉकिंग ने पृथ्वी पर रहने वाले लोगों को चेताया था कि अगर अपने आपको बचाए रखना है तो उन्हें पृथ्वी को छोड़कर अन्य ग्रह पर चले जाना चाहिए. स्टीफन हॉकिंग ने यह बात धरती पर लगातार बढ़ती आबादी, जलवायु में परिवतर्न और उल्का पिंडों के टकराव से बचने के लिए यह चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर ऐसा ही रहा तो 600 सालों से भी कम में ये धरती आग का गोला बन जाएगी.

8 जनवरी 1942 को हुआ था स्टीफन का जन्म 

स्टीफन हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को फ्रेंक और इसाबेल हॉकिंग के घर में हुआ. परिवार वित्तीय बाधाओं के बावजूद, माता पिता दोनों की शिक्षा ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय में हुई जहाँ फ्रेंक ने आयुर्विज्ञान की शिक्षा प्राप्त की और इसाबेल ने दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया. वो दोनों द्वितीय विश्व युद्ध के आरम्भ होने के तुरन्त बाद एक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में मिले जहाँ इसाबेल सचिव के रूप में कार्यरत थी और फ्रेंक चिकित्सा अनुसंधानकर्ता के रूप में कार्यरत थे.

हॉकिंग ने यूनिवर्सिटी कॉलेज, ऑक्सफ़ोर्ड में अपनी विश्वविद्यालय की शिक्षा 1959 में 17 वर्ष की आयु में शुरू की. पहले 18 महीनों में, वह ऊब और अकेला था – उन्हें अकादमिक काम “हास्यास्पद आसान” मिला. उसके भौतिकी के शिक्षक, रॉबर्ट बर्मन ने बाद में कहा, “उसके लिए यह जानना जरूरी था कि कुछ किया जा सकता है, और वह इसे देखे बिना यह कर सकता था कि अन्य लोगों ने इसे कैसे किया. एक दूसरे के दौरान बदलाव हुआ और तीसरे वर्ष जब, बर्मन के अनुसार, हॉकिंग ने “लड़कों में से एक होने के लिए” एक प्रयास किया.

उन्होंने एक लोकप्रिय, जीवंत और विनोदी कॉलेज के सदस्य के रूप में विकसित किया, जो शास्त्रीय संगीत और विज्ञान कथा में रुचि रखते थे. परिवर्तन का एक हिस्सा कॉलेज बोट क्लब, यूनिवर्सिटी कॉलेज बोट क्लब में शामिल होने के अपने फैसले से हुईं, जहां उन्होंने एक रोइंग चालक दल का दौरा किया. समय पर रोइंग कोच ने कहा कि हॉकिंग ने एक साहसी छवि की खेती की, जो खतरनाक पाठ्यक्रमों पर अपने चालक दल को संचालित करने के कारण क्षतिग्रस्त नौकाओं का नेतृत्व करता था.