न्यूयॉर्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकों में कश्मीर मामले पर चर्चा की और मध्यस्थता के जरिए दोनों परमाणु सशस्त्र देशों की मदद करने का प्रस्ताव रखा. ट्रंप ने बुधवार को न्‍यूयॉर्क में सम्मेलन में कहा कि उनकी संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर भारत और पाकिस्तान के नेताओं के साथ फलदायी बातचीत हुई. उन्होंने चौथी बार मध्यस्थता की पेशकश करते हुए कहा, पाकिस्तान और भारत की बात की जाए, तो हमने कश्मीर पर चर्चा की. मैंने प्रस्ताव रखा कि मैं मध्यस्थता समेत हर वह मदद करने के लिए तैयार हूं, जो मैं कर सकता हूं.

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कहा कि वह हरसंभव कोशिश करेंगे, क्योंकि उनके बीच गंभीर तनाव है और उम्मीद है कि स्थिति बेहतर होगी. ट्रंप ने कहा, दो भद्र पुरुष जो इन दो देशों का नेतृत्व कर रहे हैं, वे मेरे मित्र हैं. मैंने कहा कि वे इसका समाधान निकालें. वे परमाणु सशस्त्र देश हैं, उन्हें समाधान निकालना ही होगा.

भारत-पाक के पीएम से ट्रंप की हुई थी मुलाकात
इस बयान से एक दिन पहले ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अलग मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, जहां दोनों नेताओं ने पाकिस्तान से पैदा हो रहे आतंकवाद के खतरे और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार संबंधी मामलों पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया था.

किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं है
भारत का स्पष्ट रुख रहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मामला है और किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं है. भारत ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया था. तभी से पाकिस्तान इस मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत का स्पष्ट कहना है कि जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाना भारत का आंतरिक मामला है.

मध्यस्थता समेत हर मदद करने के लिए तैयार हूं
ट्रंप ने बुधवार को न्‍यूयॉर्क में सम्मेलन में कहा कि उनकी संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर भारत और पाकिस्तान के नेताओं के साथ फलदायी बातचीत हुई. उन्होंने चौथी बार मध्यस्थता की पेशकश करते हुए कहा, पाकिस्तान और भारत की बात की जाए, तो हमने कश्मीर पर चर्चा की. मैंने प्रस्ताव रखा कि मैं मध्यस्थता समेत हर वह मदद करने के लिए तैयार हूं, जो मैं कर सकता हूं.

भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट
ट्रंप की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री पहले ही यह बता चुके हैं. विदेश सचिव ने भी कल (मंगलवार को) यही बात की.

पाकिस्तान कुछ ठोस कदम उठाए
विदेश सचिव विजय गोखले ने मोदी-ट्रंप की बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से कहा था, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि हम पाकिस्तान के साथ वार्ता करने से संकोच नहीं कर रहे हैं पर ऐसा होने के लिए हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान कुछ ठोस कदम उठाए, लेकिन हमें पाकिस्तान की तरफ से ऐसी कोई कोशिश नहीं दिख रही.

मोदी से चौथी बार हुई ट्रंप की मुलाकात
ट्रंप ने मोदी के दूसरे कार्यकाल में मंगलवार को उनसे चौथी बार मुलाकात की. इससे एक ही दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात की थी.

कश्मीरियों की जिंदगी बेहतर करने के लिए मोदी को प्रत्‍साहित किया
व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा कि ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ संबंधों में सुधार और कश्मीरी लोगों के जीवन को बेहतर करने के वादे को पूरा करने के लिए मोदी को प्रोत्साहित किया.

जम्मू-कश्मीर में 30 वर्षों में आतंक से गई 42,000 लोगों की जान
गोखले ने कहा था कि मोदी ने ट्रंप को विस्तार से बताया कि भारत को विशेष कर जम्मू- कश्मीर में आतंकवाद के कारण कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इस आतंकवाद के चलते जम्मू-कश्मीर में पिछले 30 वर्षों में 42,000 से अधिक लोगों की जान गई है. मोदी और खान संयुक्त राष्ट्र महासभा को शुक्रवार को संबोधित करेंगे.