
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और खबरों की दुनिया में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. ऋषभ टेक और Off-Beat से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी रखते ... और पढ़ें
Viral Video: बीते शुक्रवार को लंदन में ईरान के दूतावास के बाहर हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला है. एम्बेसी के बाहर प्रदर्शन कर रहे शख्स ने हिम्मत दिखाते हुए दीवार के सहारे दूतावास की बालकनी में जा पहुंचा और वहां लगे ईरान के झंडे को उतार 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले का “लायन और सन” वाला ऐतिहासिक झंडा लगा दिया. दरअसल ये झंडा ईरान की पुरानी राजशाही से जुड़ा हुआ है और आज भी कई लोग इसे ईरान की असली पहचान मानते हैं. जैसे ही यह झंडा लगाया गया, नीचे खड़ी भीड़ ने जोरदार तालियां बजाईं और नारे लगाने शुरू कर दिए और देखते ही देखते इसका वीडियो सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो गया.
घटना की जानकारी मिलते ही लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और स्थिति को काबू में करने की कोशिश की. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक व्यक्ति को गंभीर अवैध घुसपैठ और एक आपातकालीन कर्मचारी पर हमला करने के शक में हिरासत में लिया गया, जबकि दूसरे को केवल अवैध घुसपैठ के आरोप में पकड़ा गया. पुलिस एक तीसरे व्यक्ति की भी तलाश कर रही है, जो इस घटना में शामिल हो सकता है. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि झंडा उतारने और नया झंडा लगाने वाला व्यक्ति गिरफ्तार लोगों में शामिल है या नहीं. ईरान के दूतावास की ओर घटना पर कोई आधिकारिक बयान अभी जारी नहीं किया है.
लंदन में हुआ यह प्रदर्शन ईरान में चल रही बड़ी राजनीतिक और सामाजिक हलचल का हिस्सा माना जा रहा है. ईरान में दिसंबर के आखिर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन पहले आर्थिक समस्याओं को लेकर थे, लेकिन धीरे-धीरे ये सरकार और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ बड़े आंदोलन में बदल गए. लोग महंगाई, बेरोजगारी और आजादी की कमी से परेशान हैं. कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पिछले कई सालों में ईरान का सबसे गंभीर आंदोलन है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के नेताओं को चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका प्रदर्शनकारियों का समर्थन करेगा.
The very first moment when an Iranian expat gets rid of the Islamic Regime’s flag and puts the real, lion and sun flag of #Iran up 🙂 #London, England
دمت گرم 🙂 pic.twitter.com/C3Xbdt21Pt
— Shin (@hey_itsmyturn) January 10, 2026
ब्रिटिश-ईरानी पत्रकार पोटकिन अजरमेहर ने कहा कि यह आंदोलन पहले के आंदोलनों से अलग और ज्यादा मजबूत है. उन्होंने 2009 के ग्रीन मूवमेंट से इसकी तुलना करते हुए कहा कि तब लोग अमेरिका से समर्थन की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय माहौल काफी बदल चुका है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पश्चिमी देशों के बड़े सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन खुलकर इस आंदोलन का समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं. उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकारों और आम लोगों का समर्थन प्रदर्शनकारियों के लिए बहुत हौसला बढ़ाने वाला हो सकता है. मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में शुरू हुए इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 72 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. कई यूरोपीय शहरों जैसे पेरिस और बर्लिन में ईरानी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में रैलियां निकाली गई हैं. अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में भी व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन हुआ. ईरान के अंदर कुछ लोग पूर्व शाह मोहम्मद रजा पहलवी के समर्थन में नारे लगा रहे हैं और उनके बेटे रजा पहलवी ने लोगों से विरोध जारी रखने की अपील की है.
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