बीजिंग: चीनी राज्य परिषद के हांगकांग और मकाओ मामले कार्यालय के प्रवक्ता यांग क्वांग ने हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र सरकार द्वारा नकाब पर पाबंदी लगाने पर कहा कि यह कानून बनाना बहुत जरूरी है, जो हिंसक अपराध को रोकने और सामाजिक व्यवस्था बहाल करने में मददगार होगा. यांग क्वांग ने कहा कि हांगकांग में हिंसक गतिविधियां चार महीने से अधिक समय तक चली है. हिंसा निरंतर बढ़ रही है. Also Read - चीन ने दूसरे दिन ताइवान के जलडमरु मध्‍य के ऊपर 19 फाइटर जेट उड़ाए, US को लेकर दी धमकी

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एक अक्टूबर को चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मनाने का दिवस था, लेकिन इस दिन हांगकांग के कुछ विरोधी पक्षों और हिंसक उग्रवादियों ने जानबूझ कर गैरकानूनी जुलूस का आयोजन किया और मुठभेड़ किया, जिससे 30 पुलिसकर्मी घायल हुए. यांग क्वांग ने कहा कि वर्तमान स्थिति में नकाब पर पाबंदी लगाने का कानून बनाना अत्यंत आवश्यक है. विश्व में कई देशों और क्षेत्रों ने ऐसा कानून बनाया है. अब अधिक स्पष्ट रुख और अधिक कारगर कदमों से हिंसा और मुठभेड़ रोकने का अहम वक्त आ गया है. Also Read - ड्रैगन की हिमाकत! चीन ने ताइवानी क्षेत्र में उड़ाए लड़ाकू विमान, इसी देश में मौजूद हैं अमेरिकी दूत

बावजूद इसके मध्य हांगकांग में रविवार को हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया और इस दौरान प्रदर्शनकारी ‘मास्क पहनना अपराध नहीं है’ के नारे भी लगा रहे थे. वहीं मास्क पहनकर प्रदर्शन करने पर लगे प्रतिबंध को हटाने से दूसरी बार एक अदालत ने इनकार कर दिया.

चेहरा ढककर प्रदर्शन करने पर रोक शनिवार से प्रभावी हो गई जिसके बाद दो दिन से पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प बढ़ गई है. शुक्रवार रात में एक किशोर प्रदर्शनकारी को एक पुलिसकर्मी ने आत्मरक्षा में जांघ पर गोली मार दी.

हांगकांग में नकाब पहनने पर प्रतिबंध के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, रेल सेवाएं हुईं बंद

सांसद डेनिक क्वोक ने कहा कि उच्च न्ययालय ने मास्क प्रतिबंध हटाने से इनकार कर दिया. लेकिन अदालत 24 सासंदों की उस याचिका पर इस महीने के अंत में सुनवाई करेगी जिसमें हांगकांग की मुख्य प्रशासक कैरी लाम की आपात शक्तियों को चुनौती दी गई है.

दरअसल इन सांसदों का कहना है कि आपातकालीन शक्तियों को अवैध घोषित किया जाए क्योंकि यह शहर की विधायिका को दरकिनार करता है. र‍‍विवार को शहर के कई सबवे रेलवे स्टेशन खुले लेकिन कई मॉल बंद रहे क्योंकि हजारों प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे और उनमें से ज्यादातर ने प्रतिबंध के बावजूद मास्क पहना हुआ था.

(इनपुट-आईएएनएस)