पेरिस: अमेरिका के मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड के मारे जाने के बाद अमेरिका में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी.Also Read - अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के घर पर FBI का छापा, ट्रम्प ने कहा ‘हमारे देश के लिए काला समय है’ | Watch Video

वहीं, ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में भी हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया, लेकिन उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा. वे ‘‘मैं सांस नहीं ले सकता’’ जैसे नारे लगा रहे थे. नीदरलैंड के हेग शहर में भी प्रदर्शन हुए और प्रदर्शनकारियों ने कोविड-19 के मद्देनजर भौतिक दूरी के नियम का पालन किया. Also Read - अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मचाया बवाल-हाय फ्लोरिडा का मेरा खूबसूरत घर, FBI ने तो तिजोरी भी तोड़ दी

पेरिस में पुलिस ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. तेल अवीव में 200 से अधिक प्रदर्शनकारी अमेरिका के राजनयिक मिशन के बाहर एकत्र हुए. Also Read - इस साल दुनिया के सभी अरबपतियों में सबसे ज्यादा बढ़ी अडानी की दौलत, रईसों की सूची में बिल गेट्स को छोड़ा पीछे

अर्जेंटिना, कनाडा, ब्राजील और न्यूजीलैंड में भी लोगों ने नस्ली भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन किए. श्वेत पुलिस अधिकारी द्वारा फ्लॉयड की गर्दन को घुटने से दबाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद अमेरिका में व्यापक जन-आक्रोश भड़का हुआ है. वीडियो में फ्लॉयड पुलिस अधिकारी से यह कहते दिखता है कि वह सांस नहीं ले पा रहा.

पुलिस अधिकारी इसके बावजूद अपना घुटना उसकी गर्दन से नहीं हटाता और धीरे-धीरे फ्लॉयड की सांस थम जाती है और वह हिलना-डुलना बंद कर देता है. इस घटना को लेकर अमेरिका में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया है.