भारत के सपोर्ट में आए पुतिन, बोले- 'दबाव डालना बेकार', अमेरिका को क्यों सुनाई खरी-खरी?
राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को मजबूत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. पुतिन ने कहा कि अमेरिका का भारत पर दबाव बनाने का प्रयास बेकार है.
रूसी राष्ट्रपति ने अपने बयान में अमेरिका का नाम लिए बिना पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश दिया. (Photo from IANS)
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर भारत के साथ मजबूत रिश्तों को लेकर खुलकर तारीफ की है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच दशकों पुराना भरोसा और सहयोग आज भी उतना ही मजबूत है. पुतिन ने कहा कि दुनिया में बदलते राजनीतिक हालात और नए गठबंधनों के बावजूद दोनों देशों के रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ा है. रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर फैसले लेने वाला स्वतंत्र देश है और रूस इस बात का सम्मान करता है. पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वैश्विक स्तर पर भारत के अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते संबंधों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है.
अमेरिका को पुतिन का साफ संदेश
रूसी राष्ट्रपति ने अपने बयान में अमेरिका का नाम लिए बिना पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि भारत और रूस के रिश्तों को कमजोर करने या नई दिल्ली पर दबाव बनाने की कोशिशें सफल नहीं होने वाली हैं. पुतिन के मुताबिक, कुछ देश यह मानते हैं कि भारत पर दबाव डालकर रूस से उसकी नजदीकियों को कम किया जा सकता है, लेकिन ऐसा संभव नहीं है.
पुतिन ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत अपनी विदेश नीति स्वतंत्र रूप से तय करता है और किसी बाहरी दबाव के आधार पर फैसले नहीं लेता. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग और मजबूत पहचान बनाई है. इसलिए किसी भी तरह का दबाव बेअसर साबित होगा.
भारत की अर्थव्यवस्था की तारीफ की
बातचीत के दौरान, पुतिन ने भारत की आर्थिक प्रगति को भी सराहा. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और लगातार प्रभावशाली विकास दर दर्ज कर रहा है. रूसी राष्ट्रपति का कहना है कि भारत केवल एक बड़ा बाजार ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण देश भी बन चुका है. उन्होंने कहा कि रूस भारत को एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखता है. यही वजह है कि दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है. रूस का मानना है कि आने वाले समय में भारत की वैश्विक भूमिका और भी मजबूत होगी.
व्यापार को लेकर रखा बड़ा लक्ष्य
रूसी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को लेकर भी बड़ा भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार में तेज बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. पुतिन ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक कारोबार 100 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि ऊर्जा, तेल, गैस, रक्षा उपकरण, फार्मास्यूटिकल्स और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं. रूस और भारत लगातार ऐसे नए रास्ते तलाश रहे हैं, जिनसे दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिल सके और व्यापारिक साझेदारी और मजबूत हो.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें