टोक्यो: जापान के तबाह हो चुके फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के संचालक ने कहा है कि संयंत्र में एकत्रित करके रखा गया रेडियाधर्मी पानी अब भी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है और उसे समुद्र में छोड़े जाने से पहले और जलशोधन किए जाने की जरूरत है. तोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी और सरकार ने कहा था कि पानी के शोधन ने ट्राइटियम के अलावा सभी रेडियोधर्मी पदार्थों को हटा दिया. विशेषज्ञों का कहना है कि कम मात्रा में ट्राइटियम सुरक्षित है. उन्होंने इसे ट्राइटियम जल बताया था, लेकिन असल में ऐसा नहीं था.Also Read - radioactive leak reported at delhi airport cargo terminal | रेडियोएक्टिव लीक की खबर से खाली कराया गया IGI एयरपोर्ट

टीईपीसीओ ने शुक्रवार को बताया कि अध्ययन में पता चला कि पानी में रेडियोधर्मी आयोडीन, सीजियम और स्ट्रोंशियम समेत अन्य पदार्थ अब भी मौजूद हैं. उसने बताया कि 900,000 टन पानी का 80 प्रतिशत से ज्यादा अब भी टैंकों में भंडार करके रखा है, जिसमें रेडियोधर्मी पदार्थ मौजूद हैं. Also Read - pakistan planning new atomic center | परमाणु जखीरा बढ़ाने में लगा पाकिस्तान, सेटेलाइट से नज़र आया परमाणु क्षेत्र

टीईपीसीओ के महाप्रबंधक जुनिचि मात्सुमोतो ने कहा कि संयंत्र जल का और शोधन करेगा ताकि पानी में से संदूषण का स्तर कम हो जाए. वह पानी की स्थिति के बारे में बढ़ती आलोचना और अविश्वास का जवाब दे रहे थे.

जापान में मार्च 2011 में आए भूकंप और सूनामी में संयंत्र के तीन रिएक्टर बर्बाद हो गए थे. तब से लेकर अब तक जापान इस आम सहमति पर नहीं पहुंचा पाया कि रेडियोधर्मी पानी का क्या किया जाए. मछुआरों और निवासियों ने इसे समुद्र में छोड़े जाने का विरोध किया है. परमाणु विशेषज्ञों ने प्रशांत महासागर में नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ने की सिफारिश की है.