नई दिल्ली: भारत और इजरायल के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग की मिसाल पेश करते हुए इजरायली प्रधाानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बुलावे पर राष्ट्रपति भवन में जैतून की पत्ती से बनी चाय पेशकर उनका स्वागत किया गया. Also Read - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सेना का पाकिस्तान में खौफ: भाजपा

राष्ट्रपति सचिवालय की ओर जारी एक बयान में कहा गया- “इजरायली प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति भवन में जैतून की पत्ती की चाय पेश की गई. यह चाय राजस्थान ऑलिव कल्टीवेश लिमिटेड द्वारा राजस्थान और इजरायल की सरकार के संयुक्त उपक्रम में बीकानेर में उत्पादित जैतून की पत्ती से बनी थी. Also Read - पीएम मोदी ने फ्रांस में आतंकी हमलों की निंदा की, कहा- आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम फ्रांस के साथ

बयान के मुताबिक, कोविंद ने नेतन्याहू से कहा कि उनकी भारत यात्रा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध की 25वीं वर्षगांठ समारोह की पराकाष्ठा है. राष्ट्रपति ने कहा, हमारी नजदीकी व मित्रवत संबंध को ज्यादा मजबूती मिली है. पिछले करीब दो साल से दोनों देशों के बीच राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के दौरे हुए हैं. Also Read - भारत को मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए हमने रखी है मजबूत नींवः पीएम मोदी

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच राजनीतिक समझ, सुरक्षा सहयोग और प्रौद्योगिकी साझेदारी प्रमुख रणनीतिक अनुबंध के स्तंभ हैं. उन्होंने भारत में खासतौर से जल, रक्षा, प्रौद्योगिकी, फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में इजरायली कंपनियों की मौजूदगी की प्रशंसा की. उन्होंने उनसे मेक इन इंडिया, क्लीन इंडिया, स्मार्ट सिटीज और डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रमों में भारत के साथ हिस्सेदारी करने का आग्रह किया.

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच सुरक्षा सहयोग को आतंकवाद के खिलाफ हमारे समान संघर्ष से परिभाषित किया जा सकता है. कोविंद ने कहा, यह ऐसी चुनौती है जिससे हमारे समाज की जिंदादिली नष्ट हो रही है. इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेतन्याहू की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद भारत और इजरायल ने नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें अनेक क्षेत्र शामिल हैं.

नेतन्याहू 130 सदस्यीय व्यवसायी प्रतिनिधिमंडल के साथ रविवार को अपनी छह दिन की भारत यात्रा पर रविवार को यहां पहुंचे. अपनी यात्रा के दौरान वह आगरा, अहमदाबाद और मुंबई भी जाएंगे. 2003 के बाद किसी इजरायली प्रधानमंत्री का पिछले 15 साल में यह पहला दौरा है।