वाशिंगटन: ट्रम्प प्रशासन ने स्पष्टत: चीन के हस्तक्षेप की तरफ इशारा करते हुए कहा है कि दलाई लामा सहित बौद्ध लामाओं का चयन बिना किसी दखल के तिब्बतियों द्वारा अपने धार्मिक विश्वास के अनुरूप किया जाना चाहिए. कांग्रेस को भेजी गई अपनी नवीनतम तिब्बत वार्ता रिपोर्ट में ट्रम्प प्रशासन ने कहा कि वह तिब्बती बौद्ध धार्मिक नेताओं के चयन, शिक्षा और सम्मान में चीन सरकार के हस्तक्षेप को लेकर चिंतित है.विधायी मामलों की सहायक विदेश मंत्री मैरी के वाटर्स के हस्ताक्षर वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका सरकार का मानना है कि तिब्बती बौद्धों की धार्मिक स्वतंत्रता के वैश्विक मानवाधिकार कहते हैं कि दलाई लामा सहित तिब्बती बौद्ध लामाओं का उत्तराधिकार या पहचान तिब्बतियों के विश्वास के अनुसार बिना किसी हस्तक्षेप के होनी चाहिए.’’

और क्या है रिपोर्ट में
इसमें कहा गया है कि अमेरिका चीन सरकार से लगातार आग्रह करता रहा है कि वह तिब्बती क्षेत्रों में तनाव पैदा करने वाली अपनी नीतियों में संशोधन करे, तिब्बती लोगों की विशिष्ट धार्मिक, भाषायी और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान और संरक्षण करे और तिब्बतियों को स्वतंत्र, शांतिपूर्ण ढंग से और सजा के डर के बिना अपनी परेशानियां व्यक्त करने की अनुमति प्रदान करे. चीन का कहना है कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी का चयन धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक परिपाटी के अनुसार हो और उसे सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन प्राप्त हो. रिपोर्ट में आह्वान किया गया है कि चीनी अधिकारी राजनयिकों, पत्रकारों, पर्यटकों और अन्य को बिना प्रतिबंध के तिब्बती क्षेत्रों तक पहुंच की अनुमति प्रदान करें.

चीन ने कहा था हमारे यहां से हो उत्तराधिकारी
गौरतलब है कि चीन के सरकारी थिंक टैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हाल ही में कहा था कि तिब्बत के जिस शहर के दलाई लामा हैं वहीं से किसी को उनका उत्तराधिकारी बनाया जाना चाहिए. चीन को डर है कि तिब्बत की स्वायत्तता और स्वतंत्रता संघर्ष जीवित रखने के लिए किसी बाहरी को उत्तराधिकारी चुना जा सकता है. बीजिंग स्थित चीन तिब्बत अनुसंधान केंद्र में समकालीन शोध के निदेशक लिआन शिआंगमिन ने कहा था कि 81 वर्षीय 14वें दलाई लामा का उत्तराधिकारी उनके ही शहर का होना चाहिए. यह शहर चीन के किंघाई प्रांत में है. पहले यह प्रांत तिब्बत क्षेत्र का हिस्सा था.

परंपरा के अनुसार चुनाव पर दिया था जोर
दलाई लामा किंघाई प्रांत के ताकत्सेर गांव में पैदा हुए थे. जब वह आठ वर्षो के थे तभी तिब्बत की धार्मिक परंपरा के अनुसार उन्हें आध्यात्मिक पद के लिए चुन लिया गया था. दलाई लामा के उत्तराधिकारी पर तिब्बत के नेताओं और चीन सरकार में मतभेद है. लिआन ने कहा कि उनके उत्तराधिकारी का चुनाव प्रचलित परंपरा के अनुसार होना चाहिए. चीन सरकार को आशंका है कि दलाई लामा अपने उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा कर सकते हैं या फिर तिब्बत के बाहर से चुनाव किया जा सकता है.