इन 4 देशों के भरोसे ईरान ने किया है अमेरिका से युद्धविराम, 2 हैं बिचौलिए

Iran Ceasefire: ईरान ने कहा है कि मित्र राष्ट्र चीन-रूस के साथ ही पाकिस्तान और तुर्की जैसे मध्यस्थ देश इस क्षेत्र में शांति की गारंटी देने के लिए मिलकर काम करेंगे.

Published date india.com Published: April 8, 2026 1:43 PM IST
इन 4 देशों के भरोसे ईरान ने किया है अमेरिका से युद्धविराम, 2 हैं बिचौलिए
(photo credit AI, for representation only)

Iran Ceasefire: ईरान ने अमेरिका के साथ दो हफ्ते का युद्धविराम कर लिया है, लेकिन ईरान बिल्कुल शांत नहीं है और उसने अमेरिका को चेतावनी दी है. बीजिंग में ईरानी राजदूत अब्दोलरेजा रहमानी फजली नेबुधवार को कहा कि अगर अमेरिका ने फिर से उनके भरोसे को तोड़ा, तो ईरान की ओर से जोरदार जवाबी कार्रवाई की जाएगी.

ईरान को चीन और तीन अन्य देशों से उम्मीद

राजदूत अब्दोलरेजा रहमानी फजलीने कहा कि ईरान को उम्मीद है कि चीन इस क्षेत्र में शांति के सुरक्षा गारंटर में से एक बन सकता है. फजली ने चीन की राजधानी बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हमें उम्मीद है कि अलग-अलग पक्ष इस बात की गारंटी दे सकते हैं कि अमेरिका फिर से युद्ध शुरू नहीं करेगा. हमें उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, चीन और रूस जैसे बड़े देश, साथ ही पाकिस्तान और तुर्की जैसे मध्यस्थ देश इस क्षेत्र में शांति की गारंटी देने के लिए मिलकर काम करेंगे.

अब्दोलरेजा रहमानी फजली की ओर से यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के खिलाफ बमबारी अभियानों को दो सप्ताह के लिए निलंबित करने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद की गई, ताकि संघर्ष विराम वार्ता हो सके.

(photo credit AI, for representation only)

ट्रंप ने भी चीन को दिया क्रेडिट

इस घोषणा के बाद एजेन्स फ्रांस-प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में, ट्रंप ने कहा कि उनका मानना ​​है कि ईरान को बातचीत की मेज पर लाने में चीन ने अहम भूमिका निभाई है. ईरान मित्र देशों, विशेष रूप से चीन के साथ लगातार करीबी बातचीत और सहयोग बनाए हुए है.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

ईरान को चाहिए गारंटी

फजली ने कहा कि हमें उम्मीद है कि युद्ध रुक सकता है और संघर्ष विराम कायम रह सकता है, और हमें एक विश्वसनीय गारंटी की भी जरूरत है. अमेरिका तीन बार अपने वादे से मुकर चुका है और उसने ईरान पर हमला किया है. इसीलिए अब हम उस पर भरोसा नहीं करेंगे. अगर अमेरिका ने फिर से समझौतों का उल्लंघन किया, तो ईरान जवाबी कार्रवाई के लिए कड़े कदम उठाएगा और अमेरिका को अपने कृत्यों पर पछतावा कराएगा.

होर्मुज में फंसे हैं तीन हजार जहाज

फजली ने कहा कि अब तक 3,000 जहाज जलडमरूमध्य से गुजरने का इंतजार कर रहे थे. ईरान दबाव कम करने और जहाजों को गुज़रने देने के लिए कदम उठाएगा, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोला जा सकेगा या नहीं, इसके लिए बातचीत के नतीजों का इंतजार करना होगा.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.