ब्रिस्बेन, 15 नवंबर: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि विदेशों में जमा काले धन को वापस अपने देश लाना शीर्ष प्राथमिकता है।  उन्होंने जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले यहां विश्व के पांच राष्ट्रों के समूह ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के नेताओं के साथ अनौपचारिक बैठक में इस मुद्दे पर सहयोग करने का आह्वान किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने एक ट्वीट में लिखा, “जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले ब्रिक्स की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विदेशों में जमा काले धन को वापस लाना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।” मोदी ने कहा कि ब्रिक्स को 2016 तक ब्रिक्स बैंक की स्थापना का लक्ष्य रखना चाहिए। ट्वीट के अनुसार, “जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले ब्रिक्स की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विदेशों में जमा काला धन अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है।”

प्रधानमंत्री ने 11 नवंबर को म्यांमार, ऑस्ट्रेलिया और फिजी के दौरे पर रवाना होने से पहले कहा था कि वह जी-20 सम्मेलन में काले धन पर वैश्विक सहयोग के महत्व पर प्रकाश डालेंगे। ब्रिक्स की अनौपचारिक बैठक जी-20 शिखर सम्मेलन से अलग हो रही है। उन्होंने ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रौसेफ का ब्रिक्स नेताओं की बैठक आयोजित करने पर आभार जताया और दोबारा राष्ट्रपति नियुक्त होने पर उन्हें बधाई दी।

मोदी ने जुलाई में ब्राजील के फोर्टालेजा में आयोजित छठे ब्रिक्स सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें नए विकास बैंक और आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था की बात कही गई है। आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी ने कहा, “ये वैश्विक संस्थानों के गठन और प्रबंधन की हमारी सामूहिक क्षमता के संकेत हैं। यह स्थायी विकास को बढ़ावा देने और आधारभूत ढांचे की रास्ते की खाई पाटने में प्रभावी हो सकता है। हम स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के हिसाब से और अधिक एकजुट हो सकते हैं। हमें अगली पीढ़ी के आधारभूत संरचनाओं पर ध्यान देना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “हम उच्च बैंकिंग मानकों को बरकरार रखते हुए शासन और वित्तीय व्यवस्था के नए मॉडल को बढ़ावा दे सकते हैं। हमें इसमें और भागीदारी बढ़ानी चाहिए और इसे जल्द लागू करने की कोशिश करनी चाहिए। हम इस बात का प्रस्ताव रखते हैं कि हमें इस बैंक की स्थापना के लिए 2016 का लक्ष्य रखना चाहिए।” मोदी ने कहा, “हम साल के अंत तक समझौता होने की उम्मीद करते हैं। हम अध्यक्ष पद के लिए जल्द अपने उम्मीदवार को नामित करेंगे। आकस्मिक ्र रिजर्व व्यवस्था भी समयबद्ध पहल है।”

उन्होंने कहा, “इसके अतिरिक्त हमने कई अन्य प्रस्तावों पर काम शुरू किया है, जो कि हमारे संबंधों को मजबूत करेगा और सभी स्तर पर हमारे सहयोग को बढ़ावा देगा।” मोदी ने इस बैठक से अलग रौसेफ से गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा से बातचीत की।