अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के कई दिग्गज राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पाने की ओर तेजी से बढ़ रहे डोनाल्ड ट्रंप के कदम रोकने की कोशिश में हैं।दरअसल, सुपर ट्यूजडे के उनके प्रदर्शन ने पार्टी के दिग्गजों को हिलाकर रख दिया है। इसलिए अब वे ट्रंप के कदम रोकने की आखिरी कोशिशों में जुट गए हैं। ट्रंप ने मंगलवार को हुए चुनाव में 12 राज्यों में से सात में जीत हासिल की थी।विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप को रोकने का यह प्रयास नाकाफी है और बहुत देर से किया जा रहा है। पार्टी की ओर से 2012 के चुनाव में उम्मीदवार रहे मिट रोमनी ने ट्रंप पर हमला बोलने की तैयारी कर ली है। ट्रंप अब तक 15 राज्यों के चुनावों में 10 में जीत हासिल कर चुके हैं।समाचार चैनल सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि रोमनी की योजना ट्रंप के पीछे पड़ने की है। वह यह मुद्दा उठाने वाले हैं कि रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी की दौड़ में सबसे आगे चल रहे ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व के लिए सही नहीं हैं।ट्रंप ने बुधवार को दो ट्वीट कर रोमनी को जवाब दिया।यहाँ भी पढ़े:ट्रंप ने महात्मा गांधी पर ऐसा क्या कहा जिससे भारत हो गया नाराज़ Also Read - US Presidential Election: डोनाल्‍ड ट्रंप बोले- जो बाइडेन एक भ्रष्ट राजनीतिज्ञ हैं

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उन्होंने ट्वीट किया, “नाकाम राष्ट्रपति उम्मीदवार मिट रोमनी मेरी आलोचना करने के लिए कल संवाददाता सम्मेलन करने वाले हैं।”उन्होंने आगे लिखा, “यह एक व्यक्ति का सिर्फ एक और हताशा में उठाया गया कदम है। उन्हें बराक ओबामा को आसानी से हरा देना चाहिए था।”सेवानिवृत्त न्यूरो सर्जन बेन कार्सन जो पंद्रह राज्यों में चुनाव के बाद एक में भी जीत हासिल नहीं कर सके हैं, इस बात को स्वीकार करते हैं कि उन्हें आगे की राजनीति की कोई राह नहीं दिख रही है।उन्होंने कहा कि वह गुरुवार को होने वाले रिपब्लिकन पार्टी की बहस में हिस्सा नहीं लेंगे। रोमनी ने जब उटाह में भाषण दिया, उसके कुछ घंटे बाद कार्सन का यह बयान आया।हालांकि कार्सन ने अभी आधिकारिक रूप से उम्मीदवारी की दौड़ से अलग होने की बात नहीं कही है।सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी उच्च संसद (कांग्रेस) में अधिकांश रिपब्लिकन जब तक संभव है तब तक ट्रंप को नहीं अपनाएंगे। चाहे संभावना कितनी भी कम हो, ये उम्मीद कायम रहे कि मैदान में कोई और रिपब्लिकन उम्मीदवार है जो उन्हें मात देने की कोशिश कर रहा है। Also Read - बाइडन की आलोचना वाले लेख को ट्विटर, फेसबुक ने किया बैन, डोनाल्ड ट्रंप को आया गुस्सा

रिपब्लिकनों की समस्या यह है कि ट्रंप के खिलाफ उनकी कोशिश कामयाब नहीं होने का कारण यह है कि वे इस बात से सहमत नहीं हो सकते कि ट्रंप को सबसे प्रभावी चुनौती देने वाले के रूप में किसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।इस बीच ट्रंप के निकटतम प्रतिद्वंद्वी टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज को भी यह बात समझ में आ गई है कि चुनाव में अपने गृह राज्य में हार का मतलब उनके अभियान का अंत है।उन्होंने बुधवार की रात कांसास में संवाददाताओं से कहा, “सभी ने डोनाल्ड ट्रंप को स्वीकार किया है, यह एक विचित्र घटना है।”ट्रंप के दूसरे प्रतिद्वंद्वी मार्को रुबियो को उम्मीदवारी की दौड़ से हट जाने की सलाह दी गई है। उम्मीदवारी के लिए रुबियो के गृहराज्य फ्लोरिडा में 15 मार्च को महत्वपूर्ण चुनाव होना है।रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी की दौड़ में सबसे आगे चल रहे ट्रंप के अभी तक 315 प्रतिनिधि हैं। दूसरे स्थान पर क्रूज के 205 और रुबियो के 106 प्रतिनिधि हैं। रिपब्लिकन प्रत्याशी बनने के लिए 50 राज्यों के 2340 प्रतिनिधियों में से सबसे अधिक प्रतिनिधि चाहिए होंगे।