वॉशिंगटन: अमेरिका ने श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना से संसद का सत्र बुलाने और लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रतिनिधियों को देश की सरकार चुनने का अवसर देने को कहा है ताकि वहां रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से अचानक बर्खास्त किए जाने के बाद से गहराया राजनीतिक संकट समाप्त किया जा सके. Also Read - Covid-19: UN ने कहा- विश्व अर्थव्यवस्था मंदी में चली जाएगी, भारत, चीन हो सकते हैं अपवाद

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विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता राबर्ट पैलाडिनो ने पत्रकारों को बताया कि हम श्रीलंका के राष्ट्रपति का आह्वान करते हैं कि वह अपनी संसद दोबारा बुलाएं और लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित लोगों को श्रीलंकाई कानून एवं विधिवत प्रक्रिया के अनुसार अपनी सरकार के नेतृत्व के चयन का उत्तरदायित्व निभाने दें. उन्होंने कहा कि अमेरिका श्रीलंका के घटनाक्रम पर लगातार निगाह बनाए हुये है. उसने सभी पक्षों से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की अपील की है. अमेरिकी प्रवक्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि नेतृत्व चाहे किसी के भी हाथ में हो श्रीलंका सरकार मानवाधिकारों, कानेन के शासन, सुधार, जवाबदेही, न्याय और सुलह की अपनी प्रतिबद्धताओं को बरकरार रखेगी. Also Read - कोरोनावायरस की गिरफ्त में अमेरिका, अकेले न्यूयार्क में एक हजार से अधिक लोगों की हुई मौत

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श्रीलंका में अनिश्चितता के पीछे चीन
प्रवक्ता ने दोहराया कि राष्ट्रपति को स्पीकर के साथ सलाह-मशविरा करके तत्काल संसद का सत्र बुलाना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित प्रतिनिधि यह फैसला कर सकें कि अपनी सरकार का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी वे किसे देना चाहते हैं. पैलाडिनो ने इन कथित आरोपों पर किसी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया कि श्रीलंका में अनिश्चितता के पीछे चीन है. उन्होंने कहा कि मेरे पास आपके लिए आज कुछ विशेष नहीं है. (इनपुट एजेंसी)