वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देश के लिए ‘शर्मनाक’ बताने वाले एक प्रतिष्ठित एडमिरल (सेवानिवृत्त) ने रक्षा मंत्रालय सलाहकार निकाय से इस्तीफा दे दिया है. पेंटागन ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. पेंटागन की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मिशेल बल्दांजा ने बताया कि एडमिरल विलियम मैकरावेन ने पिछले महीने डिफेंस इनोवेशन बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था. मैकरावेन ने 2014 में पाकिस्तान में विशेष अभियान चला कर अल-कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने वाली स्पेशल फोर्सेज का संचालन किया था.

मैकरावेन का लेख वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित होने के चार दिन बाद यह इस्तीफा 20 अगस्त से प्रभावी हुआ है. इस पत्र में उन्होंने ट्रंप के एक अन्य आलोचक सीआईए के पूर्व निदेशक जॉन ब्रैनन की सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के फैसले पर ट्रंप पर रोष जाहिर किया था. मैकरावेन ने ब्रैनन के बारे में कहा था कि उनकी नजर में ब्रैनन सबसे बेहतरीन कर्मचारियों में से एक हैं. साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर उनकी सुरक्षा मंजूरी भी रद्द कर दी जाए तो यह ‘उनके लिए सम्मान की बात’ होगी.

इस पत्र में उन्होंने कहा, ‘अपने कार्यों से आपने हमें अपने बच्चों की नजर में शर्मिंदा किया, वैश्विक मंच पर हमें अपमानित किया और सबसे बुरी बात यह कि एक राष्ट्र के तौर पर हमें विभाजित किया.’ मैकरावेन ने कहा, ‘अगर आप एक पल के लिए भी यह सोच रहे हैं कि आपकी मैककार्थी युग की चालें आलोचना के स्वर को दबा देंगी तो यह आपकी गलतफहमी है.’ डिफेंस इनोवेशन बोर्ड निजी क्षेत्र के शीर्ष तकनीकविदों और वैज्ञानिकों को साथ लाता है जो पेंटागन और रक्षा मंत्रालय को सलाह देता है. अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन के अनुसार, इस्तीफे के बाद इस बोर्ड की वेबसाइट से मैकरावेन की तस्वीर भी हटा दी गई है.

(इनपुट – एजेंसी)