वुझेन (चीन): पुलवामा हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की भारत की कोशिश रंग ला रही है. इन प्रयासों के बीच चीन के वुझेन में चल रही रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद के खात्मे को लेकर करीबी नीतिगत समन्वय पर सहमति बनी है. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले की पृष्ठभूमि में आतंकवाद पर हुई गहन चर्चा के बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, हमारे बीच करीबी नीतिगत समन्वय और सहयोग के जरिए सभी स्वरूपों में आतंकवाद से लड़ने की सहमति बनी है. खास तौर से आतंकवाद और चरमपंथ जहां पनप रहा है, उन्हें खत्म करना जरूरी है.

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आतंकवाद के पनपने की जगह शब्द का वांग द्वारा प्रयोग किया जाना महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत ने पाकिस्तान पर अपने हवाई हमले को जायज ठहराते हुए कहा था कि उसने खैबर पख्तूनख्वा स्थित जैश-ए-मोहम्मद के शिविर पर हमला किया था. हालांकि, चीन के मंत्री ने बेहद बारीकी से अपने मित्र का बचाव करते हुए कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद का विरोध करता है.