संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं ने अपनी हालिया रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि म्यामां में अभी भी रोंहिग्या मुसलमानों का नरसंहार हो रहा है और वहां की सरकार लगातार यह दिखा रही है कि वहां पूरी तरह से कार्यशील लोकतंत्र को स्थापित करने में उसकी कोई रुचि नहीं है.

ट्रंप का दावा, कोई सबूत नहीं है लेकिन शरणार्थियों के काफिले में शामिल हो सकते हैं आतंकी

अब भी नरसंहार जारी
म्यामां को लेकर बने संयुक्त राष्ट्र के तथ्यान्वेषी मिशन के अध्यक्ष मार्जुकी दारूसमन ने कहा कि हजारों रोंहिग्या मुसलमान अब भी बांग्लादेश की तरफ पलायन कर रहे हैं और बौद्ध बहुल देश में पिछले साल के क्रूर सैन्य अभियान के बाद वहां बचे करीब ढाई से चार लाख लोगों को सबसे गंभीर प्रतिबंधों और दमन का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, ‘‘वहां अब भी नरसंहार जारी है.’’ वहीं इसे लेकर निक्की हेली ने भी ट्वीट करते हुए लिखा म्यामां सैनिकों द्वारा एक बार फिर रोहिंग्या के दमन की बात सामने आई है. इन्हें नियंत्रित किया जाना बेहद आवश्यक है.

म्यांमा में मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष जांचकर्ता यांगी ली ने कहा कि उन्होंने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कई अन्य लोगों ने उम्मीद की थी कि आंग सान सू ची के शासन में वहां की स्थिति पहले से काफी अलग होगी, लेकिन वास्तव में यह बहुत अलग नहीं है. (इनपुट भाषा)