नई दिल्ली: भारत के पुराने मित्र देश रूस ने एक बार फिर से भारत का साथ देते हुए उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने का मजबूत उम्मीदवार बताया है. बता दें कि चीन के साथ जारी तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय रूस यात्रा पर सोमवार को पहुंचे. Also Read - भारत से दस गुना अधिक है चीन की ताकत, वह देश के लिए पाकिस्तान से बड़ा खतरा है: शरद पवार

मंगलवार को भारत और चीनी समकक्षों के साथ रूस-भारत-चीन (आरआईसी) त्रिपक्षीय डिजिटल सम्मेलन में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा, “आज हमने संयुक्त राष्ट्र के संभावित सुधारों की बात की और इस पर भी बात की कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने के लिए एक मजबूत उम्मीदवार है और हम भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करते हैं. हमारा मानना है कि यह सुरक्षा परिषद का पूर्ण सदस्य बन सकता है.” Also Read - Unknown Pneumonia Virus: कोरोना से नहीं इस नई बीमारी से टेंशन में है चीन, कजाकिस्तान में रहने वाले अपने नागरिकों को किया सावधान

आरआईसी के विदेश मंत्रियों की बैठक में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर कहा, “मुझे नहीं लगता कि भारत और चीन को किसी बाहरी से कोई मदद चाहिए. मुझे नहीं लगता कि उन्हें मदद करने की आवश्यकता है, खासकर तब जब यह देश के मुद्दों की बात हो तो. वे उन्हें अपने दम पर हल कर सकते हैं.” Also Read - USA-China Trade War: ट्रंप ने चीन के साथ दूसरे चरण के व्यापार सौदे की संभावना को किया खारिज , कही ये बड़ी बात

रूस ने कहा कि नई दिल्ली-बीजिंग ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है. उन्होंने रक्षा अधिकारियों, विदेश मंत्रियों के स्तर पर बैठकें शुरू कीं और दोनों पक्षों में से किसी ने भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया जिससे यह संकेत मिले कि उनमें से कोई भी गैर-कूटनीतिक समाधान से हल निकालना चाहता है.

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव आरआईसी (रूस-भारत-चीन) विदेश मंत्रियों की बैठक में कहा, “हमें उम्मीद है कि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहेगी और वे विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे.”