अमेरिका से सीधी जंग की तैयारी में रूस? वेनेजुएला के पास भेजे पनडुब्बी और युद्धपोत, बढ़ी हलचल

US Venezuela Conflict News: उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूस और अमेरिका की नौसेनाएं एक ऑयल टैंकर को लेकर आमने-सामने हैं. रूस ने इसकी सुरक्षा के लिए अपनी घातक पनडुब्बियां तैनात कर दी हैं.

Published date india.com Updated: January 7, 2026 1:35 PM IST
अमेरिका से सीधी जंग की तैयारी में रूस? वेनेजुएला के पास भेजे पनडुब्बी और युद्धपोत, बढ़ी हलचल
Image Source- X/@Southcom

Russia US Tension: उत्तरी अटलांटिक महासागर की लहरों के बीच इस समय शीत युद्ध के दौर जैसी स्थिति बनी हुई है. एक प्रतिबंधित ऑयल टैंकर को लेकर अमेरिका और रूस के बीच जो सैन्य गतिरोध शुरू हुआ है, वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सीधे टकराव की आशंका पैदा कर रहा है. रूस ने अपने एक ऑयल टैंकर की रक्षा के लिए परमाणु सक्षम नौसैनिक बेड़े और पनडुब्बियों को तैनात कर दिया है, जिसे अमेरिका जब्त करने का प्रयास कर रहा है.

इस विवाद के केंद्र में वह जहाज है जिसे पहले ‘बेला 1’ के नाम से जाना जाता था. दिसंबर 2025 में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की मादुरो सरकार पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त जहाजों का बेड़ा) पर कड़ा ब्लॉकेड लगाने का आदेश दिया था.

ऑयल टैंकर को लेकर रूस-अमेरिका आमने सामने

यह टैंकर वेनेजुएला से कच्चा तेल लोड कर रहा था, तभी अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे रोकने और इसकी तलाशी लेने की कोशिश की. हालांकि, जहाज के क्रू ने अमेरिकी बलों को बोर्डिंग से रोक दिया और वहां से भाग निकले. पीछा किए जाने के दौरान, जहाज ने अपनी पहचान छिपाने के लिए समुद्र के बीच ही अपना नाम बदलकर ‘मैरिनेरा’ कर लिया, रूसी झंडा फहराया और रूस के मुरमांस्क पोर्ट की ओर रुख कर दिया.

‘शैडो फ्लीट’ क्या हैं?

शैडो फ्लीट उन पुराने और अस्पष्ट स्वामित्व वाले जहाजों को कहा जाता है जो ईरान, रूस और वेनेजुएला जैसे प्रतिबंधित देशों के तेल व्यापार को जीवित रखते हैं. ये जहाज अक्सर अपनी पहचान छिपाने के लिए कई हथकंडे अपनाते हैं. जैसे जहाज के ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (ट्रैकिंग) को बंद करना या गलत लोकेशन दिखाना.

पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार अपना पंजीकरण और झंडा बदलना. मैरिनेरा का इतिहास भी ऐसा ही रहा है. यह पहले ईरानी तेल चीन पहुंचाने के लिए 2024 में अमेरिकी प्रतिबंध झेल चुका है.

रूस की सैन्य तैनाती

जब अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मैरिनेरा का पीछा जारी रखा, तो रूस ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया. रूस ने तुरंत अपनी नॉर्दर्न फ्लीट से एक पनडुब्बी और कई अन्य युद्धपोतों को टैंकर की एस्कॉर्ट के लिए भेज दिया. रूसी मीडिया ‘RT’ द्वारा जारी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि रूसी सैन्य सुरक्षा के साये में चल रहे टैंकर के ठीक पीछे अमेरिकी जहाज तैनात हैं.

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हालांकि रूस ने अपनी पनडुब्बी के मॉडल या विशिष्ट हथियारों की जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह कदम अमेरिका को यह संदेश देने के लिए है कि रूस अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सैन्य बल के प्रयोग से पीछे नहीं हटेगा. फिलहाल यह जहाज आइसलैंड से लगभग 300 मील दक्षिण में है.

जहाज पर जबरन कब्जा होगी युद्ध की घोषणा!

स्थिति बेहद तनावपूर्ण है क्योंकि रूस ने अब इस जहाज को अपना आधिकारिक ध्वज दे दिया है. अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी देश के झंडे वाले जहाज पर जबरन कब्जा करना युद्ध की घोषणा जैसा माना जा सकता है. अगर अमेरिका इसे जब्त करने के लिए बल प्रयोग करता है, तो पास में मौजूद रूसी पनडुब्बियां प्रतिक्रिया दे सकती हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में शैडो फ्लीट के अन्य जहाज भी रूसी झंडे का सहारा लेकर प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करेंगे, जिससे समुद्र में ऐसी सैन्य मुठभेड़ें और बढ़ेंगी.

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