मास्को: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ उनकी बेहतरीन वार्ता हुई है. इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों पर चर्चा की और अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिये चार दिनों की रूस की यात्रा पर यहां हैं. जयशंकर ने ट्वीट किया, विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से इस बार व्यक्तिगत रूप से मिल कर खुशी हुई. बेहतरीन वार्ता हुई, जिसमें हमारे विशेष एवं विशेषाधिकार वाली रणनीतिक साझेदारी प्रदर्शित हुई. अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर हमारे बीच हुई बातचीत काफी मायने रखती है. कोविड-19 के कारण यह बैठक पहले नहीं हो सकी थी. Also Read - PM मोदी, प्रेसिडेंट पुतिन के बीच टेलिफोन पर हुई बातचीत, रिश्‍तों को मजबूत करने का लिया संकल्प

रूस स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, लावरोव ने कहा, हम सभी क्षेत्रों- द्विपक्षीय संबंधों, एसीओ, ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र के कार्यढांचे के तहत सहयोग में रूस-भारत रणनीति साझेदारी के विकास पर चर्चा करने के अवसर की प्रशंसा करते हैं. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने रूसी समकक्ष जनरल सर्गे शोइगु से मास्को में मुलाकात की थी. राजनाथ ने देश की रक्षा एवं सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिये रूस द्वारा तीव्र गति से मुहैया किये गये सहयोग की सराहना की थी. सिंह एससीओ की एक अहम बैठक में शामिल होने के लिये रूस के तीन दिनों के दौरे पर आये थे. Also Read - अजीत डोवाल और चीनी NSA दोनों होंगे आमने सामने, क्या BRICS की बैठक में LAC मुद्दे पर होगी बात?

इससे पहले, जयशंकर ने बुधवार को यहां किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं. उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों एवं दोनों मध्य एशियाई देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. जयशंकर मंगलवार को यहां पहुंचे थे. विदेश मंत्री जयशंकर ने आज की अपनी पहली द्विपक्षीय बैठक के बाद ट्वीट किया, किर्गिस्तान के विदेश मंत्री चिंगीज ऐदरबेकोव के साथ एससीओ से अलग एक सार्थक बैठक हुई. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय हितों के मुद्दों पर चर्चा की. Also Read - सरकार ने नेताओं की जासूसी का मसला चीन के राजदूत के समक्ष उठाया

जयशंकर ने कहा, सभी क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी और बढ़ाने पर सहमत हुए. जयशंकर ने मध्य एशियाई देश से भारतीय नागरिकों के लौटने में सहयोग को लेकर उनका शुक्रिया अदा किया. एअर इंडिया ने लॉकडाउन के कारण अन्य देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को लाने के लिये वंदे भारत मिशन के तहत कई उड़ानें संचालित की थीं. बिश्केक स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, किर्गिस्तान में करीब 4,500 भारतीय छात्र विभिन्न मेडिकल संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं. बाद में जयशंकर ने कहा कि उन्होंने ताजिकिस्तान के अपने समकक्ष के सिरोजिद्दीन मुहरीद्दीन के साथ गर्मजोशी भरी बैठक की. विदेश मंत्री ने ट्वीट किया, हमारे बढ़ते द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय सहयोग से खुश हूं. इस रणनीतिक साझेदारी को काफी महत्व देता हूं.