अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवन और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच मजबूत साझेदारी की समीक्षा करने के लिए’ बृहस्पतिवार को मुलाकात की.Also Read - रूस-यूक्रेन युद्ध पर लोकसभा में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर - भारत ने शांति का पक्ष चुना है

व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी. वहीं, जयशंकर ने बैठक के बाद ट्वीट किया, ‘एनएसए जेक सुलीवन से मिलकर प्रसन्नता हुई. हिंद-प्रशांत और अफगानिस्तान सहित कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई. कोविड से निपटने के लिए अमेरिका द्वारा दिखाई गई एकजुटता की सराहना की. टीके को लेकर भारत-अमेरिका की साझेदारी बड़ा बदलाव ला सकती है.’ Also Read - चीनी विदेश मंत्री वांग यी का बड़ा बयान, India, China एक-दूसरे के लिए खतरा नहीं, मतभेदों को कर सकते हैं दूर

बैठक के बाद सुलीवन ने ट्वीट किया, ‘दोनों देशों के लोगों का एकदूसरे से सम्पर्क और हमारे मूल्य अमेरिका-भारत साझेदारी की नींव हैं और यह साझेदारी वैश्विक महामारी का खात्मा करने, जलवायु संबंधी मामले का नेतृत्व करने और स्वतंत्र एवं मुक्त हिंद-प्रशांत का समर्थन करने के लिए हमारी मदद करेगी.’ Also Read - INDIA-CHINA: EAM एस जयशंकर ने बताया चीनी विदेश मंत्री के साथ तीन घंटे तक क्‍या बातें हुईं

अमेरिकी सरकार और अमेरिकी जनता ने भारत को कोविड-19 संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए अभी तक 50 करोड़ डॉलर से अधिक की मदद की है.

सुलीवन ने ट्वीट किया, ‘हम वैश्विक महामारी का खात्मा एकसाथ मिलकर करेंगे.’

व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एमिली होर्न ने बताया कि बैठक के दौरान सुलीवन और जयशंकर ने हाल हफ्तों में किए गए सहयोग का स्वागत किया, जिसके तहत अमेरिका की संघीय सरकार और राज्य सरकारों, अमेरिकी कम्पनियों और अमेरिकी नागरिकों ने भारत के लोगों को कोविड-19 संबंधी राहत पहुंचाने के लिए 50 करोड़ डॉलर से अधिक की मदद की.

उन्होंने कहा, ‘दोनों ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की और इस बात पर सहमत हुए अमेरिका और भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करना जारी रखना चाहिए.’

होर्न ने कहा, ‘वे इस बात पर भी सहमत हुए कि लोगों का लोगों से सम्पर्क और साझा मूल्य अमेरिका-भारत की रणनीतिक साझेदारी की नींव है जो वैश्विक महामारी का खात्मा करने, स्वतंत्र एवं मुक्त हिंद-प्रशांत का समर्थन करने और जलवायु संबंधी चुनौतियों को वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने में मदद कर रही है. ’

जो बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद किसी भारतीय शीर्ष नेता की अमेरिका की यह पहली यात्रा है. जयशंकर शुक्रवार को अमेरिकी समकक्ष टोनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से भी मुलाकात करेंगे.