इस्लामाबादः पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाक अधिकृत कश्मीर पर भारत के बयान को ‘गंभीर संज्ञान’ लिए जाने का आह्वान किया है. पाकिस्तान ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को भारत के भौतिक अधिकार क्षेत्र में लिए जाने के बारे में भारत के आक्रामक तेवर का ‘गंभीर संज्ञान’ लिये जाने का अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान करते हुए कहा कि भारत से इस तरह के ‘गैर जिम्मेदाराना और उग्र’ बयानों से तनाव और बढ़ेगा और इन बयानों से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होगा.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पीओके भारत का हिस्सा है और उम्मीद करते हैं कि एक दिन भारत के भौतिक अधिकार क्षेत्र में होगा. जयशंकर ने इसके साथ ही यह भी कहा कि एक सीमा के बाद इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि कश्मीर पर लोग क्या कहेंगे क्योंकि यह भारत का आंतरिक मामला है और अपने आंतरिक मामलों में भारत की स्थिति मजबूत रही है और मजबूत रहेगी.

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में विदेश मंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत ‘पड़ोस प्रथम’ की नीति को आगे बढ़ा रहा है लेकिन उसके समक्ष एक पड़ोसी की ‘अलग तरह की चुनौती’ है और यह तब तक चुनौती रहेगी जब तक वह सामान्य व्यवहार नहीं करता और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता.

जयशंकर के बयान पर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘हम पाकिस्तान और पीओके के बारे में भारतीय विदेश मंत्री द्वारा दिये गये भड़काऊ और गैरजिम्मेदाराना बयानों की कड़ी निंदा करते हैं और इन्हें खारिज करते हैं.’ बयान में कहा गया कि पाकिस्तान शांति के लिए खड़ा है लेकिन किसी भी तरह की आक्रामकता का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार रहेगा.

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विदेश मंत्री का बड़ा बयान, ‘पीओके भारत का हिस्सा, उम्मीद है एक दिन हमारे नियंत्रण में होगा’